चांदी कांडः पुलिस की अवैध कार्रवाई! टीआई व कथित एसपी स्क्वाड के छह पुलिसकर्मी सस्पैंड
सागर, 20 सितंबर। सागर में चांदी व्यापारियों पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए बगैर मालथौन टोल प्लाजा पर कार्रवाई करने और बाद में बिना एफआईआर या कार्रवाई के लेनेदेन कर मामले को रफा-दफा करने के आरोप में एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने करीब हफ्तेभर तक चली जांच के बाद मोतीनगर थाना प्रभारी सतीष सिंह व कथित एसपी स्क्वाड के पांच पुलिसकर्मियों को सस्पैंड कर दिया है। सागर में इस तरह के मामले में इतनी बड़ी यह पहली कार्रवाई है। बता दें कि सराफा में पूर्व में भी सस्पैंड हुए पुलिसकर्मियों की टीम व्यापारियों पर अवैध कार्रवाई करने के मामले में चर्चाओं में रह चुकी है।

पुलिस अधीक्षक तरुण नायक ने खुरई एसडीओपी सुमित केरकट्टा की जांच रिपोर्ट के बाद सागर मे मोतीनगर थाना प्रभारी सतीष सिंह और कथित रुप से एसपी की जानकारी के बगैर संचालित हो रही स्क्वाड को सस्पैंड कर दिया है। इन सभी पर अवैध रुप से सराफा कारोबारी जिन्हें चांदी तस्कर बताया जा रहा था, उन पर अपने थाना क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की थी। मामले में कोई एफआईआर, कोई जब्ती, कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। मामला सराफा व्यापारियों से होते हुए मीडिया तक पहुंचा और पुलिस अधिक्षक से जब सवाल पूछा गया तो वे हैरत में नजर आए। मामले में संज्ञान लेते हुए रात में ही उन्होंने खुरई एसडीओपी को जांच सौंपी थी। मामले में मालथौन थाना प्रभारी की भूमिका भी सराहनीय रही। उन्होंने अपने इलाके में दूसरे थाना क्षेत्र के प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा की गई इस अवैध कार्रवाई को जांच अधिकारी को साक्ष्य और तथ्य उपलब्ध भी कराए। संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों व सराफा व्यापारियों के बयान भी लिए गए थे।

अवैध रुप से कार्रवाई करने के मामले में यह सस्पैंड हुए
पुलिस अधिक्षक द्वारा जारी आदेश के मुताबिक चांदी कांड में मोतीनगर थाना प्रभारी सतीष सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पैंड कर दिया है। इनके अलावा कथित रुप से एसपी स्कवाड के नाम पर कार्रवाई में शामिल रहे पुलिसकर्मी हेमंत ठाकुर, अमित चैबे, प्रदीप शर्मा, अशीष गौतम, मनीष तिवारी, मुकेश जाटव को भी सस्पैंड किया गया है। इन सभी की अन्य कार्रवाइयों में रही भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

यह पहला मामला नहीं, दर्जनों कार्रवाई कर चुके हैं
पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक एसपी स्क्वाड के नाम पर छह पुलिसकर्मियों व आरक्षकों की जो टीम काफी लंबे समय से शहर सहित जिले भर में काम कर रही थी, उसकी जानकारी वर्तमान एसपी को नहीं थी। इस टीम को पूर्व में मालथौन इलाके में एक हत्या के मामले में जांच के लिए तत्कालीन एसपी द्वारा गठित किया गया था। उस समय से ही अलग-अलग थानों में पदस्थ यह स्क्वाड काम करती रही और कथित रुप से पुलिस अधीक्षक का नाम जोड़कर, वर्दी का खौफ दिखाकर शहर में अवैध शराब, जुआ, सट्टा, क्रिकेट के सट्टा सहित सराफा कारोबार में टैक्स चोरी व तस्करी करने वालों पर कार्रवाई के नाम पर माल कमाती रही है।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र चैधरी ने पुराने मामलों में भी जांच की मांग की है
पूर्व मंत्री व मप्र कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र चैधरी ने बीते दिनों पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मोतीनगर थाना प्रभारी सतीष सिंह व कथित एसपी स्क्वाड में शामिल पुलिस कर्मियों द्वारा पूर्व में सराफा कारोबारियों सहित अन्य बड़े मामलों में इनकी भूमिका की जांच की मांग की है। सराफा के सूत्र बताते हैं कि पूर्व में चांदी तस्करों की चांदी पकड़कर चंद घंटों में गिलट बनाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता रहा है। गोपालगंज थाना में बतौर प्रभारी रहते हुए एक मुरैनाकांड हुआ था, उसमें यही टीम, यही टीआई मुरैना के पास से एक व्यापारी की गाड़ी को पकड़कर गोपालगंज लाए थे। जबकि यहां दो जिला और यूपी का क्षेत्र भी पार कर मुरैना जाना पड़ता है। हालंाकि उस मामले में जब्ती और कार्रवाई गोपालगंज बताई गई थी, जबकि यह कोतवाली और मोतीनगर थाना क्षेत्र का मामला था। पूर्व मंत्री सुरेंद्र चैधरी के अनुसार ऐसे दर्जनों मामले हैं जो केवल सराफा से जुड़े हैं, जिनमें लेनदेन कर सांठगांठ की जाती रही है।












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