एमपी: सिवनी में पीडब्ल्यूडी का अफसर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई
प्रदेश के सिवनी जिले में पीआईयू पीडब्ल्यूडी विभाग में आनंद गोल्हानी कार्यपालन यंत्री के रूप में पदस्थ है। उनके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत उप जेल लखनादौन में बीस बैरक का निर्माण होना था।
सिवनी, 15 जुलाई: मप्र में मोटी तनख्वाह के बाबजूद कई विभागों के अफसर-कर्मियों का पेट नही भर पा रहा है। आये-दिन प्रदेश में ऐसे रिश्वतखोर बाबू, अफसर लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ रहे है। शुक्रवार को सिवनी में पीडब्ल्यूडी का कार्यपालन यंत्री 30 हजार रुपए नकद रिश्वत लेते दबोंचा गया। आरोप है कि अधिकारी ने एक निर्माण कार्य की FDR और अंतिम बिल की राशि भुगतान के एवज में रिश्वत की डिमांड की थी।

प्रदेश के सिवनी जिले में पीआईयू पीडब्ल्यूडी विभाग में आनंद गोल्हानी कार्यपालन यंत्री के रूप में पदस्थ है। उनके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत उप जेल लखनादौन में बीस बैरक का निर्माण होना था। निर्माण की शासकीय प्रक्रिया के तहत बैरक निर्माण का कार्य बांकी ग्राम के संतोष सिंह को मिला था। जिसने टेंडर प्रक्रिया में एफडीआर भी जमा की थी। कार्य पूर्ण होने के बाद संतोष ने अपना अंतिम बिल पेश किया और उसके भुगतान के साथ जमा FDR वापस करने निवेदन किया। लेकिन अधिकारी ने उसका बिल भुगतान करने बजाय उससे रिश्वत की मांग करने लगा।
30 हजार नकद रिश्वत के साथ पकड़ा गया अधिकारी
कई दिनों तक परेशानी झेलने के बाद पीड़ित संतोष ने लोकायुक्त विभाग को शिकायत की। जिस पर योजना बनाकर लोकायुक्त पुलिस ने आनंद गोल्हानी पर शिकंजा कसना शुरू किया। सिवनी पेट्रोल पम्प के पास संतोष से आनंद ने जैसे ही तीस हजार रुपए की रिश्वत ली, तो जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे दबोंच लिया। इस कार्रवाई से पीआईयू पीडब्ल्यूडी विभाग में हडकंप मच गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अधिकारी के दफ्तर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए, जिनकी जांच की जा रही है। वही इस कार्रवाई के बाद अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि इस विभाग में बगैर रिश्वत दिए अधिकारी कोई कार्य नही करते है। छोटे से काम के लिए भी पैसों की डिमांड करते है।












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