MP News: हाईवे नेटवर्क दो साल में अमेरिका से बेहतर कैसे बनेगा? जानिए नितिन गडकरी ने क्यों किया यह बड़ा दावा
MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले के बदनावर से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऐसा ऐलान कर दिया है, जो न सिर्फ राज्य, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा:
"मैं आप सबको यह विश्वास दिलाता हूं कि आने वाले दो साल के अंदर मध्य प्रदेश का नेशनल हाईवे नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर बनेगा।"

यह ऐलान उन्होंने 5,800 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सांसद राकेश सिंह भी मौजूद थे।
गडकरी का दावा सिर्फ शब्द नहीं, योजनाओं पर आधारित है
गडकरी ने इस बड़े वादे को हवा में नहीं छोड़ा, बल्कि ठोस योजनाओं और आंकड़ों के साथ इसे आधार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अगले एक साल में करीब 3 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी की जाएंगी। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों की भूमिका प्रमुख होगी।

गडकरी ने स्पष्ट किया
"हम सड़कों को केवल यात्रा का साधन नहीं मानते, बल्कि विकास का इंजन मानते हैं।" उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी का उदाहरण देते हुए कहा: "अमेरिका की सड़कें अच्छी इसलिए नहीं हैं क्योंकि वह अमीर है, बल्कि वह अमीर इसलिए है क्योंकि उसकी सड़कें अच्छी हैं।"
कहां-कहां बन रही हैं सड़कें?
गडकरी ने जिन 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, वे 328 किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क को जोड़ेंगी। इसमें शामिल हैं:
- बदनावर-उज्जैन चार-लेन हाईवे (भारतमाला परियोजना के तहत)
- सेंडलपुर-नसरूल्लागंज बायपास को चार-लेन में अपग्रेड
- ग्वालियर वेस्टर्न बायपास (28.516 किमी)
- सागर ग्रीनफील्ड वेस्टर्न बायपास
- राहतगढ़-बरखेड़ी खंड (विदिशा-सागर) को चार-लेन में बदला जाएगा
इन परियोजनाओं की लागत इस प्रकार है:
- 3,502 करोड़ रुपये - उद्घाटन के लिए
- 2,462 करोड़ रुपये - शिलान्यास के लिए
क्या आ रही हैं और नई परियोजनाएं?
- गडकरी ने बताया कि मध्य प्रदेश में 400 किमी की छह नई NH परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है - लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपये
- 33,000 करोड़ रुपये की लागत से 5 ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर, रिंग रोड, एलिवेटेड कॉरिडोर और ब्रिज निर्माण किया जाएगा

गडकरी ने यह भी कहा- "हमारा लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश का हर गांव पक्की सड़कों से जुड़े ताकि शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सके।" गडकरी का यह दावा यूं ही नहीं है। उन्होंने कहा "मैं खोखले वादे नहीं करता, जो कहता हूं, वह करके दिखाता हूं। मैं फोकरण (फोकट) मारने वाला नेता नहीं हूं।"
उनकी बात को ये आंकड़े भी पुष्ट करते हैं
- 2014 में भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क: 91,287 किमी
- 2023 तक बढ़कर हुआ: 1,46,145 किमी
- यानी 59% की वृद्धि
मध्य प्रदेश में भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 245 किमी हिस्सा आता है, जिससे दोनों शहरों के बीच सफर 12 घंटे में पूरा होगा। साथ ही, इंदौर-हैदराबाद (687 किमी) और आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड हाईवे जैसे प्रोजेक्ट राज्य को सीधे तौर पर जोड़ेंगे।
हाईवे से होगा आर्थिक विकास और रोजगार सृजन
- गडकरी ने सड़क निर्माण को औद्योगिक विकास, व्यापार विस्तार और रोजगार के मूल में बताया। उन्होंने कहा:
- "जहां पानी, बिजली, सड़क और संचार होता है, वहीं उद्योग पनपते हैं और रोजगार पैदा होता है। इससे गरीबी और भुखमरी खत्म होती है।"
साथ ही, उन्होंने स्मार्ट सिटी की बजाय स्मार्ट विलेज मॉडल की बात की - जिसमें बेहतर सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा, साफ पानी और नवाचार जैसे बायोफ्यूल को अपनाने की बात शामिल है।
आर्थिक विकास और रोजगार पर जोर
गडकरी ने अपने संबोधन में सड़कों के आर्थिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "जहां पानी, बिजली, परिवहन और संचार होता है, वहां उद्योग और व्यापार पनपते हैं। जहां उद्योग पनपते हैं, वहां रोजगार पैदा होता है, और जहां रोजगार होता है, वहां गरीबी और भुखमरी नहीं टिकती।" उनका मानना है कि मध्य प्रदेश में बन रहे हाईवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर औद्योगिक क्लस्टर बनाएंगे, जिससे बेरोजगारी और गरीबी को खत्म करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने स्मार्ट विलेज की अवधारणा पर भी जोर दिया। गडकरी ने कहा, "हमें स्मार्ट सिटी नहीं, स्मार्ट विलेज चाहिए, जहां किसान समृद्ध हो, अच्छी सड़कें हों, स्कूल हों, साफ पानी हो, और स्वास्थ्य सुविधाएं हों।" उन्होंने मध्य प्रदेश के किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पेट्रोल-डीजल से छुटकारा पाने और बायोफ्यूल जैसे नवाचारों को अपनाने की बात भी कही
मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले - "अब हमारी सड़कों पर दुनिया हंसती नहीं"
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नितिन गडकरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि "पहले हमारी सड़कों का मजाक बनता था, अब दुनिया तारीफ करती है। गडकरी जी के विजन से मध्य प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
- उन्होंने कहा कि सड़क कनेक्टिविटी से किसानों और व्यापारियों की उत्पादकता और आमदनी में सीधा असर पड़ा है।












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