MP News: बच्चों की स्कॉलरशिप रोकने वाले इन प्राचार्यों की सैलरी काटी, बड़ी कार्रवाई

मध्यप्रदेश में संभागायुक्त जबलपुर द्वारा जिले के सात संकुल प्राचार्यों की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। यह कार्रवाई अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति स्वीकृति में लापरवाही बरतने पर की गई है।

दरअसल, शासकीय और अशासकीय स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एमपी टास पोर्टल से स्वीकृत करने के निर्देश पहले ही दिए गए थे, लेकिन जिले के कुछ प्राचार्य इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे थे।

Bhopal

जांच में पाया गया कि सत्र 2022-23 में इनकी स्वीकृति दर 70 प्रतिशत से कम तथा सत्र 2023-24 में 60 प्रतिशत से कम रही। इस संबंध में कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा पहले इन्हें नोटिस जारी किया गया था, परंतु उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कलेक्टर द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव संभागायुक्त जबलपुर को भेजा गया, जिस पर सहमति देते हुए संभागायुक्त ने संबंधित प्राचार्यों की वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी किया।

जिन अधिकारियों के विरुद्ध यह कार्रवाई हुई है, उनमें चंद्रशेखर दीक्षित, प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय जुन्नारदेव; भगवानदास उइके, प्रभारी प्राचार्य बिसापुरकला अमरवाड़ा; बी.के. सनेर, प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय तामिया; मनोज श्रीवास्तव, प्राचार्य बाम्हनवाड़ा जुन्नारदेव; राजेशसिंह कुशवाह, प्रभारी प्राचार्य चांवलपानी तामिया तथा बापूसंग शीलू, प्राचार्य सिंगोडी अमरवाड़ा शामिल हैं। यह जानकारी अतिरिक्त कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा दी गई है।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शासकीय महाविद्यालयों में पदस्थ जो प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक एवं अन्य स्टाफ समय से पहले चले विद्यालय छोड़ देते हैं, उनका वेतन कटेगा। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लागू सार्थक एप पर दर्ज होने वाली उपस्थिति के आधार पर यह कार्रवाई की जायेगी।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के पालन में इस सिलसिले में जिले के महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर उन्हें साफ तौर पर आगाह किया।

सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर चौहान ने सभी प्राचार्यों से कहा कि, वे यह सुनिश्चित करें कि महाविद्यालय का स्टाफ कॉलेज में सार्थक एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद पूरे समय तक उपस्थित रहे। इसके विपरीत स्थिति निर्मित हुई तो प्राचार्य भी जवाबदेह होंगे। इसलिए प्राचार्य इस बात का खास ध्यान रखें कि जो आचार्य महाविद्यालय में केवल खानापूर्ति के लिये आते हैं उनका वेतन काटें। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करें। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, अपर कलेक्टर कुमार सत्यम एवं अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा प्रो. कुमार रत्नम सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य मौजूद थे।

एक-एक वेतन वृद्धि रुकेगी

ई-ऑफिस सिस्टम लागू न करने वाले विभाग प्रमुख की एक-एक वेतन वृद्धि रुकेगी एवं ई ऑफिस सिस्टम से दक्षता, पारदर्शिता के साथ होगी समय की बचत, सभी विभागों को ई ऑफिस पर शीघ्र ही ऑनबोर्डिंग हों। उक्त निर्देश कलेक्टर संदीप जी आर ने दिए।

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