Surdas Jayanti 2024: संत सूरदास जी की जयंती आज, एमपी सीएम मोहन यादव ने यूं किया नमन
Surdas Jayanti 2024: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कवि संत सूरदास जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। इस दौरान सीएम यादव ने कहा कि वात्सल्य रस से समृद्ध आपकी अमूल्य रचनाएँ सर्वदा प्रत्येक हृदय को आनंद के अतिरेक से भावविह्वल एवं स्पंदित करती रहेंगी।
सीएम मोहन यादव ने रविवार 12 मई को अपने ऑफिशियल 'X' हैंडल पर संत ब्रजभाषा के श्रेष्ठ कवि संत सूरदास जी की एक तस्वीर पोस्ट की। साथ ही लिखा, चरन-कमल बंदौं हरि-राइ।
जाकी कृपा पंगु गिरि लंघै, अंधे कौं सब कछु दरसाइ॥

इतना ही नहीं, सीएम यादव ने आगे लिखा कि भगवान श्री कृष्ण के अनन्य उपासक, उनकी लीलाओं को जीवंत रूप देने वाले, हिन्दी साहित्य के देदीप्यमान सूर्य, ब्रजभाषा के श्रेष्ठ कवि संत सूरदास जी की जयंती पर सादर नमन करता हूं। वात्सल्य रस से समृद्ध आपकी अमूल्य रचनाएँ सर्वदा प्रत्येक हृदय को आनंद के अतिरेक से भावविह्वल एवं स्पंदित करती रहेंगी।
आपको बता दें कि सूरदास जी का जन्म 1478 ईस्वी में हुआ था हालांकि इनके जन्म स्थान को लेकर कई मत है। एक मान्यता अनुसार रुनकता नामक गांव (मथुरा-आगरा मार्ग के किनारे स्थित है) तो दूसरे मत के मुताबिक सूरदास जी हरियाणा के सीही गांव में जन्में थे। इनके पिता रामदास गायक थे।
सूरदास, भारतीय संस्कृति के महान कवि और संतों में एक अग्रणी व्यक्ति थे, जिनकी रचनाएँ भक्ति और प्रेम के उदाहरण के रूप में मानी जाती हैं। सूरदास की रचनाओं में उनके भक्ति और प्रेम के भावों की अद्वितीयता है, जो आज भी लोगों के मनों को छू जाती है। उनकी भक्ति कविताएं भगवान के प्रति अटूट समर्पण और प्रेम की मिसाल हैं।
इतना ही नहीं, संत सूरदास बज्रभाषा एक महान कवि और संगीतकार थे, जो भगवान कृष्ण को समर्पित अपने भक्ति गीतों के लिए विश्व विख्यात हैं। माना जाता है कि श्रीकृष्ण ने स्वंय सूरदास जी को दर्शन दिए थे।












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