MP News: मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति को मंजूरी, शराब दुकानों के आवंटन मूल्य में 20 फीसदी की वृद्धि
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट ने आगामी 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत, राज्य में शराब दुकानों के आवंटन मूल्य में 20 फीसदी की वृद्धि की जाएगी।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने देसी शराब को 90 और 180 मिलीलीटर की बोतल में बेचे जाने का प्रस्ताव भी रखा है।

नई नीति में सबसे महत्वपूर्ण फैसला 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी से संबंधित है। राज्य सरकार ने इन 17 स्थानों में स्थित 47 शराब दुकानों को एक अप्रैल 2025 से बंद करने का निर्णय लिया है। ये दुकानें किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं की जाएंगी, जिससे सरकार को लगभग 450 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा। इन कदमों का उद्देश्य धार्मिक शहरों में शराब के सेवन को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं के लिए एक स्वस्थ वातावरण बनाना है।
इसके अलावा, महेश्वर में देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती के अवसर पर राज्य कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई, जहां नई आबकारी नीति पर विचार-विमर्श किया गया।
नई नीति के तहत, शराब दुकानों के आवंटन मूल्य में चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 20 फीसदी की वृद्धि की जाएगी, और यह वृद्धि 2025-26 में लागू की जाएगी। शराब दुकानों का आवंटन सबसे पहले नवीनीकरण के जरिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया में, दुकानदारों को 80 प्रतिशत या उससे अधिक राशि का भुगतान करने पर ही नवीनीकरण की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद लाटरी प्रणाली और फिर ई-टेंडर के माध्यम से शराब दुकानों के ठेके दिए जाएंगे।
शराब कारोबार में ई-चालान और ई-बैंक गारंटी लागू, विदेशी शराब वेयरहाउस की सप्लाई प्रणाली का ऑटोमेशन
मध्य प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति में शराब के कारोबार को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अब से शराब के कारोबार में केवल ई-चालान और ई-बैंक गारंटी को ही मान्यता दी जाएगी, जबकि साधारण बैंक गारंटी और एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) मंजूर नहीं होगी। यह कदम धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा, विदेशी शराब के वेयरहाउस में सुधार करने के लिए सरकार ने सप्लाई व्यवस्था का ऑटोमेशन करने का निर्णय लिया है। विदेशी शराब के वेयरहाउस को स्मार्ट वेयरहाउस में बदला जाएगा, जिससे संचालन की प्रक्रिया अधिक कुशल और पारदर्शी होगी। इसके साथ ही, विदेशी शराब की ड्यूटी दरों को ईडीपी (एडवांस डाटा प्रोसेसिंग) आधारित एड वेलोरेम के अनुसार तय किया जाएगा, जिससे शुल्क निर्धारण में पारदर्शिता आएगी।
नई श्रेणी के रूप में बार की शुरुआत, युवाओं में शराब की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की पहल
नई आबकारी नीति के तहत, सरकार ने शराब की बिक्री को नियंत्रित करने और विशेष रूप से युवाओं में शराब की प्रवृत्ति को कम करने के लिए "बार" की एक नई श्रेणी शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नई श्रेणी में केवल बीयर, वाइन और आरटीडी (रेडी-टू-ड्रिंक) पेय पदार्थों की बिक्री की जाएगी। इसका उद्देश्य शराब के अत्यधिक सेवन को कम करना और एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।












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