MP उपचुनाव: पूर्व CM कमलनाथ के खिलाफ FIR, जनसभा में ज्यादा भीड़ इकट्ठा करने का आरोप
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में उपचुनाव के ऐलान के बाद से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर सीएम शिवराज सिंधिया टीम के साथ मिलकर अपनी सरकार बचाने में जुटे हैं, तो वहीं फिर से सत्ता हासिल करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी पूरा जोर लगा दिया है। इस बीच कमलनाथ के सामने मंगलवार को नई मुसीबत आ गई, जहां उनके और 8 अन्य कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ दतिया जिला प्रशासन ने FIR दर्ज करवाई है।

जिला प्रशासन के मुताबिक कांग्रेस ने भांडरे में आमसभा आयोजित की थी। जिसमें 100 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए। इस पर हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रशासन ने तुरंत कमलनाथ और 8 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी। जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया, जिलाध्यक्ष नाहर सिंह यादव, रामपाल सिंह सेंगर, नारायण सिंह, रामकुमार तिवारी, राधेलाल का नाम भी शामिल हैं। FIR में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट से संबंधित धारा भी जोड़ी गई है।
क्या है हाईकोर्ट का आदेश?
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा था कि किसी भी कीमत पर कोविड-19 गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। अगर किसी भी आयोजन में 100 लोगों से ज्यादा की भीड़ इकट्ठा होती है, तो फोटो के आधार पर तुरंत राजनीतिक पार्टी या प्रत्याशी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई जाए। कोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने में असफल साबित हुआ है।
FIR के बाद भड़के विधायक
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ FIR दर्ज होते ही विधायक कुणाल चौधरी भड़क गए। उन्होंने कहा कि अपराधी एमपी पुलिस से डर नहीं रहे हैं, जिस वजह से वो अब कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि वो बीजेपी सरकार की गुलामी छोड़ दें। उनके मुताबिक FIR से बीजेपी ने ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है, जिसका जवाब जनता उपचुनाव में देगी।












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