मध्य प्रदेश: कानून व्यवस्था पर उच्च अधिकारियों के साथ CM मोहन यादव ने की बैठक, दिए ये खास निर्देश
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव कानून व्यवस्था को लेकर एक्शन मोड़ में नजर आए। इस दौरान उन्होंने कहा कि भोपाल जोन और थानों की सीमाओं के प्रस्तावित युक्तियुक्तकरण का कार्य जनप्रतिनिधियों की सहमति से किया जाए। ऐसी व्यवस्था करें कि किसी भी जुलूस का संचालन देर रात तक न हो, आयोजन निश्चित समय सीमा में पूर्ण हों।
कुशाभाऊ ठाकरे हॉल में भोपाल संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यंत्री मनोहर यादव ने कहा कि शांति समितियों के साथ पहले से ही बैठक कर कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सघन बस्तियों से त्योहारों के समय निकलने वाले जुलूसों में जिन क्षेत्रों में अपराध, हिंसा, अव्यवस्था की संभावना रहती है।

उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों का विकास पुलिस तथा नगरीय निकाय सहित अन्य ऐजेंसियों के साथ मिलकर समन्वित रूप से किया जाए। साथ ही, इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के साथ-साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि का आवागमन भी सुगम हो सके। सीएम ने कहा कि अपराध और ठगी के मामले सामने आ रहे और इन्हें नियंत्रण करने और इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्रवाई की जाए।
सीएम यादव ने अधिकारियों से कहा कि वो इस पर भी नजर रखें कि थानों में बेकसूर लोगों को न फंसाया जाए और झूठी कार्यवाईयां न हों। साथ ही, निर्दोष लोगों को फंसाने वाले अधिकारी कर्मचारी के विरूध कठोर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि थानों में जब्त की गई सामग्री को उसके वास्तविक स्वरूप में ही रखा जाए, किसी भी प्रकार की छेड़-छाड़ न की जाए।
इतना ही नहीं, प्रदेश की जेलों का औचक निरक्षण और सभी बंदियों की स्थिति का विश्लेषण कर 15 दिन में रिपोर्ट्स प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। सीएम ने प्रदेश के धार्मिक स्थल, शादी विवाह और अन्य कार्यक्रमों में बैंड बाजा व शेहनाई जाए ध्वनी यंत्र के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए पुलिस को 15 अगस्त तक बैंड की व्यवस्था में सुधार करने के लिए कहा है।
डॉ. यादव ने बैठक में खुले में मांस बेचने वालो, जमानत निरस्तीकरण, महिला अपराधों पर नियंत्रण, मादक पदार्थों पर की गई कार्रवाई, नाबालिग बालक- बलिकाओं की बरामदगी, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, साइबर क्राइम पर ख़ास चर्चा की है और इनसे जुड़े परेशानी को दूर करने का आदेश दिया है। भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि भोपाल के क्राइम में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। जिसके अनुसार, हत्या के मामलों में 42 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 14 प्रतिशत,लूट में 16 प्रतिशत और बलात्कार में 16 प्रतिशत की गिरावट आई है।












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