3812 मीटर की ऊंचाई से मंत्री सिंधिया ने की वीडियो कॉल, लद्दाख के शक्ति गांव में हाई-स्पीड इंटरनेट से झूमी पलक
MP News: मंदिरों के घंटों और बर्फीली वादियों के बीच, जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लद्दाख के शक्ति गांव से गुजरात की कंटेंट क्रिएटर पलक राठी को वीडियो कॉल किया, तो वह केवल एक बातचीत नहीं थी-वह डिजिटल इंडिया की ऊंचाई की घोषणा थी। 3812 मीटर की ऊंचाई से जुड़ी इस कॉल ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।
जहां एक ओर मंत्री सिंधिया ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "कनेक्टिविटी फॉर ऑल" सोच का सशक्त उदाहरण बताया, वहीं दूसरी ओर पलक राठी ने भी बिना किसी रुकावट के वीडियो कॉल करने की सुविधा पर अपनी हैरानी और खुशी ज़ाहिर की।

शक्ति गांव से सीधा संवाद: "मैं तस्वीरें उसी वक्त पोस्ट कर पा रही हूं"
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और शौक से ट्रैवलर व डिजिटल क्रिएटर पलक राठी, इन दिनों लद्दाख के शक्ति गांव में ट्रेकिंग और सोशल मीडिया कवरेज के लिए गई हुई थीं। वहां उन्होंने हाई-स्पीड नेटवर्क की सुविधा से न सिर्फ मंत्रमुग्ध होकर काम किया, बल्कि उसी इंटरनेट से देश के संचार मंत्री से जुड़ गईं।
उन्होंने मंत्री से कहा, "इतनी ऊंचाई पर भी बिना किसी रुकावट के इंटरनेट चल रहा है, यह डिजिटल इंडिया की असली ताकत है। मैं यहां की खूबसूरती और अनुभव तुरंत अपने फॉलोअर्स से शेयर कर पा रही हूं।"
सिंधिया बोले: "मोदी सरकार का लक्ष्य - देश के हर कोने को जोड़ना"
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "यह सिर्फ इंटरनेट की पहुंच नहीं है, यह एक अभियान है, जो भारत को समान अवसरों से जोड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह प्राथमिकता है कि देश का कोई भी नागरिक, चाहे वह लद्दाख के पहाड़ों में हो या अंडमान के टापुओं पर, डिजिटल इंडिया से कटा न रहे।"
उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में संचार के क्षेत्र में जो क्रांति आई है, वह दुनिया के किसी भी देश के लिए मिसाल बन चुकी है। उन्होंने आकड़े भी साझा किए-2014 में जहाँ देश में 90 करोड़ मोबाइल यूजर थे, आज यह संख्या 116 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इंटरनेट यूजर्स 25 करोड़ से बढ़कर 95 करोड़ हो गए हैं।
डिजिटल उन्नति के आंकड़े: भारत अब विश्व का लीडर
सिंधिया ने यह भी बताया कि भारत अब हर महीने औसतन 16,000 करोड़ डिजिटल लेन-देन करता है, जो दुनिया भर के कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन का लगभग 46% हिस्सा है।
सिर्फ यही नहीं, भारत में 920 मिलियन ब्रॉडबैंड ग्राहक हो चुके हैं। भारत की डिजिटल कहानी अब गांवों और पहाड़ों तक पहुंच चुकी है। शक्ति गांव जैसे स्थान, जो एक समय तक नेटवर्क से वंचित थे, अब ग्लोबल कम्युनिकेशन का हिस्सा बन चुके हैं।
पलक राठी की आवाज बन गई डिजिटल इंडिया की प्रेरणा
गुजरात की यह युवा कंटेंट क्रिएटर अपनी वीडियो कॉल से लाखों दिलों तक पहुंच गई हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा - "शक्ति गांव में बैठकर केंद्रीय मंत्री से बात करना... और वह भी बिना किसी बाधा के! यह अनुभव शब्दों से परे है। DigitalIndia सच हो चुका है।"
उनके इस पोस्ट को युवाओं से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, खासकर उन युवाओं से जो डिजिटल कंटेंट, स्टार्टअप्स या ऑनलाइन एजुकेशन से जुड़े हैं।
राजनीतिक हलचल भी तेज: सरकार की वाहवाही और विपक्ष का सवाल
जहां भाजपा समर्थकों ने इसे मोदी सरकार की नीति की जीत बताया, वहीं विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या यह केवल दिखावे के लिए किया गया 'प्रचार कार्यक्रम' है। एक कांग्रेस नेता ने कहा - "क्या इंटरनेट ही सब कुछ है? बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की हालत भी सुधारी जानी चाहिए।" हालांकि जनता की प्रतिक्रियाओं में स्पष्ट था कि इस तकनीकी छलांग को लेकर लोगों में गर्व और उत्साह है।
जून 2025 तक 'हर इंच भारत' होगा कनेक्टेड
सिंधिया ने अंत में कहा कि "हम सैटेलाइट, ऑप्टिकल फाइबर, 4G, 5G और नई तकनीकों के जरिए भारत के हर इंच को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेंगे। यह सपना नहीं, संकल्प है।"
लद्दाख से जो संदेश निकला, वह महज एक वीडियो कॉल नहीं था-वह भारत के बदलते स्वरूप की घोषणा थी। शक्ति गांव से चली कॉल, देश के डिजिटल आत्मविश्वास की मिसाल बन गई है। यहां न कोई मोबाइल टॉवर की कमी रही, न नेटवर्क का बहाना। अब यह तय है - भारत का हर कोना, हर ऊंचाई, अब इंटरनेट से जुड़ चुका है।












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