MP news: कांग्रेस के लिए बदलाव जरूरी या मजबूरी, क्यों बुजुर्गों से लेकर युवाओं को सौंपी संगठन की चाबी?
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने बड़ा बदलाव करते हुए जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष तो वहीं उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाया है, जहां कांग्रेस की ओर से किया गया बदलाव जरुरी है या मजबूरी इसे लेकर अब बात चलनी शुरू हो गई है। यह संगठन के लिहाज से इसलिए जरूरी है क्योंकि कांग्रेस का संगठन प्रदेश में अपना आधार खोता चला रहा था।
इसी के साथ बदलाव कांग्रेस की मजबूरी भी था, क्योंकि यदि बदलाव नहीं होता तो कई तरह की चुनौतियों से संगठन को आने वाले समय में दो-चार होना पड़ता।

दम दिखा रहे जीतू पटवारी
जीतू पटवारी के सियासी करियर पर एक नजर डालें तो जीतू पटवारी कांग्रेस के उन कद्दावर नेताओं में से हैं, जिनका प्रभाव पूरे प्रदेश पर दिखाई देता है। जीतू पटवारी ने अपनी राजनीति युवा कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर शुरू की थी, जहां जीतू पटवारी युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। साथ ही जीतू पटवारी राऊ विधानसभा से दो बार विधायक रहे हैं, तो वहीं कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री का दायित्व भी निभा चुके हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले जीतू पटवारी संगठन में भी अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन सफलतापूर्वक कर चुके हैं।
कांग्रेस के उमंग की कहानी
उमंग सिंघार कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाते हैं, जहां मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल से आने वाले उमंग सिंघार निमाड़ अंचल के बड़े नेता माने जाते हैं। इतना ही नहीं उमंग सिंगार अलग-अलग पदों पर रहकर पार्टी के लिए जिम्मेदारी निभा चुके हैं, तो वहीं सिंगार का परिवार भी कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। उमंग सिंगार की बुआ स्व. जमुना देवी मध्य प्रदेश की उपमुख्यमंत्री रह चुकी हैं, तो वहीं जमुना देवी के बाद अब उमंग सिंगार सियासत में समाज सेवा का दायित्व निभा रहे हैं। वर्तमान में उमंग सिंगार निमाड़ अंचल के गंधवानी से विधायक हैं, तो वहीं इससे पहले सिंगार अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
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