MP: प्रसव से पहले गोद में आई लक्ष्मी! आधे घंटे बाद हुई पराई, नर्स की गलती से होते-होते बचा कांड
सागर, 17 अगस्त। मप्र के दमोह जिले में एक प्रसूता का प्रसव हुए बगैर ही उनके परिजन की गोद में लक्ष्मी आ गई। परिजन खुशी से चहकते रहे, नन्ही बच्ची को दुलार करते रहे। जब प्रसूता का पति अस्पताल आया तो उसने बताया कि मुझसे तो कहा था, प्रसव में दो घंटे लगेंगे, इतनी जल्दी प्रसव कैसे हो गया। वह वार्ड में पहुंचा तो पता चला कि उसकी पत्नी का तो अभी तक प्रसव ही नहीं हुआ है, परिजन हतप्रभ रह गए, फिर उन्हें किस महिला की बेटी दे दी गई है, वे परिजन कहां हैं। मामले में जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया।

नर्स आई और वंदना के नाम की आवाज लगाकर बेटी दे गई
जिला अस्पताल दमोह में बीते रोज हटा ब्लाॅक के रहने वाले धर्मेंद्र कोरी की पत्नी वंदना कोरी को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। मंगलवार को उन्हें बताया गया कि वंदना को लेबर पेन नहीं हो रहा है, इसलिए प्रसव में दो घंटे से अधिक का समय लग सकता है। धर्मेंद्र ने अपनी बहन को पत्नी वंदना के पास छोड़ा और वे ब्लड सैंपल जमा करने चले गए। करीब आधे घंटे बाद भांजी का फोन आया तो बताया कि बिटिया का जन्म हुआ है। धर्मेंद्र खुशी से उछलते अस्पताल के अंदर पहुंचे और गोद में लेकर बेटी को खिलाने लगे। बाद में उन्हें ख्याल आया कि डाॅक्टर्स और नर्स ने बताया था कि प्रसव में टाइम लगेगा तो इतनी जल्दी बेटी कैसे हो गई। वे अंदर पत्नी के पास पहुंचे तो पता चला कि अभी तक प्रसव ही नहीं हुआ है। बाहर आकर बहन और भांजी को बताया कि प्रसव नहीं हुआ तो बेटी कहां से आ गई। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।

नर्स की गलती से दूसरे कि बच्ची उन्हें थमा दी
मामले में पूरी अस्पताल में हड़कंप मचा तो पता चला कि प्रसवकक्ष में किसी दूसरी महिला का प्रसव हुआ था। एक साथ चार-चार प्रसूताओं को टेबल पर लिटाया गया था। नर्स ने प्रसव के बाद प्रसूता के नाम की बजाय वंदना कोरी का नाम पुकार दिया और उनके परिजन को बच्ची थमा दी। गलती पता चलने पर सुधार किया गया और वंदना के परिजन ने बच्ची को उसके माता-पिता के पास तक पहुंचाया। मामले में अस्पताल में परिजन ने स्टाफ को खूब खरी-खोटी सुनाई हैं।

एक घंटे बाद प्रसव के बाद बेटा जन्मा
धर्मेंद कोरी ने बताया कि उनकी पत्नी वंदना का प्रसव शाम को हुआ है, जिसमें उनको बेटा हुआ है। पहले वाले बच्ची और उनका बेटा दोनों स्वस्थ हैं। वंदना की ननद के अनुसार भाभी और बेटा दोनो स्वस्थ्य हैं। पहले नर्स ने बेटी दी थी, वह भी बहुत सुंदर थी। यहां की नर्स की लापरवाही से एक बेटी अपने माता-पिता से दूर हो गई थी, बाद में गलती पता चलने पर उसे सही हाथों में सौंप दिया था। वंदना का सीजर हुआ है।

मामले में जांच करा रहे हैं, कार्रवाई होगी
प्रसूता की बच्ची किसी दूसरे के परिजन को सौंपने के मामले में जिला अस्पताल के आरएमओ डाॅ. दिवाकर पटेल ने बताया कि उनके पास इस आशय की लिखित शिकायत तो नहीं आई है, लेकिन उन्हें अस्पताल के अन्य स्टाफ व मीडिया से जानकारी मिली है। मामले की जांच करा रहे हैं। इसमें जिस किसी भी स्टाफ की गलती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।












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