Kuno: नेशनल पार्क से तीसरी दफा भागा ‘चीता ओबान’ 10 दिन पहले जहां रेस्क्यू किया था, वहीं पहुंचा
नामीबिया से लाए गए चीते ने एक बार फिर कूनो के जंगल से बाहर की तरफ दौड़ लगा दी है। वह कूनो और श्योपुर के जंगल छोड़कर शिवपुरी जिले में पहुंच गया है। टीमें रेडियो काॅलर के जरिए रातभर उसके सिग्नल ट्रेस कर उसके पीछे पहुंची हैं।

कूनो नेशनल पार्कः शिवपुरी-श्योपुर के सीमावर्ती गांव जौराई में सुबह-सुबह गांव के लोग जब खेतों में जाने के लिए निकले तो उन्हें गांव की सड़कों पर नामीबिया से आया चीता ओबान घूमता मिला। उसे देखकर लोगों के होश उड़ गए और गांव में दहशत फैल गई। चीता ओबान खेतों में पहुंचा तो लोग खेतों के मकानों की छत पर चढ़ गए।
दक्षिण अफ्रीका कि नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क में लाकर बसाए गए सबसे पहले चीते ओबान ने तीसरी दफा जंगल के बाहर की दौड़ लगा दी है। ओबान को 10 दिन पहले जहां से रेस्क्यू किया गया था, वह लगभग उसी स्थान के आसपास पहुंच गया है। कूनो के एक्सपर्ट व वन अमले की टीमें उसके पीछे-पीछे चल रही हैं। वे बीती रात से ही ओबान के पीछे-पीछे जंगली और पहाड़ी रास्तों से होते हुए श्योपुर जिले से बाहर शिवपुरी जिले के जौराई गांव में पहुंचे थे।

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6 अप्रैल को शिवपुरी के इसी इलाके से रेस्क्यू किया गया था ओबान
चीता ओबान करीब 16-17 दिन पहले भी कूनो के जंगल से बाहर निकल गया था। वह हफ्तेभर तक इलाके के अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहा था। जब वह कूनो नेशनल पार्क, शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क व राजस्थान के रणथंबौर नेशनल पार्क के प्राकृतिक कारीडोर की तरफ बढ़ने लगा तो उसे शिवपुरी के जौराई गांव के पास बैराड़ डाबरपुरा गांव के एक खेत से रेस्क्यू कर वापस कूनो के कोर एरिया में ले जाया गया था। बीती रात शनिवार को एक बार फिर उसने जंगल से बाहर का रूख कर लिया था। रात में ही टीमें उसके काॅलर आईडी की लोकेशन का पीछा करते हुए जौराई गांव के निकट तक पहुंच गए थे।












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