MP News: बुधनी उपचुनाव में कार्तिकेय सिंह चौहान का विवादित बयान, पूर्व सीएम दिग्विजय ने पढ़ाया ज्ञान का पाठ
By election budhni: मध्य प्रदेश की बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के एक बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कार्तिकेय ने एक चुनावी सभा में कहा कि यदि उपचुनाव में 19-20 सीटें कांग्रेस को मिलती हैं, तो यह बीजेपी के लिए नुकसानदायक होगा।
कार्तिकेय का बयान
सभा में उन्होंने कहा, "अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हमें काम कराने के लिए मुख्यमंत्री या कृषि मंत्री के पास नहीं जाना होगा? अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है, तो एक ईंट गांव में नहीं लगेगी।" उनका यह बयान बीजेपी कार्यकर्ताओं में चिंता पैदा कर सकता है, खासकर चुनावी माहौल को देखते हुए।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं ने कार्तिकेय पर नसीहत दी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस प्रकार के बयान बीजेपी की अंदरूनी चिंता और अपने कमजोर आधार को दर्शाते हैं। उन्होंने कार्तिकेय को सलाह दी कि चुनावी प्रचार के दौरान सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, न कि डराने वाले बयानों से काम लेना चाहिए।
चुनावी माहौल
बुधनी में चुनावी माहौल गर्म है और दोनों प्रमुख दलों-बीजेपी और कांग्रेस-के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। कार्तिकेय के बयान ने राजनीतिक समीकरणों में एक नया मोड़ ला दिया है, जिससे चुनावी रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।

दिग्विजय सिंह की नसीहत
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान को नसीहत दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "कार्तिकेय, अभी से इस प्रकार का भाषण मत दो। अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो। लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं।"
दिग्विजय ने आगे कहा कि जब वह 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे, तब उन्होंने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पंचायत राज कानून के तहत निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी सरपंच की होती है, न कि विधायक की।
दिग्विजय ने कार्तिकेय को यह भी बताया कि वह न तो सरपंच हैं और न ही विधायक, और उनके लिए यह संदेश दिया कि वे खुद को संयमित रखें। उन्होंने कार्तिकेय को अपने पुत्र के समान बताया और कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है।

दिग्विजय के बयान पर कार्तिकेय सिंह चौहान का यह कहना कि दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता उन्हें फॉलो करते हैं और उनकी स्पीच सुनते हैं, एक सम्मान की बात है। हालांकि बाद में उन्होंने दिग्विजय पर करारा हमला करते हुए कहा कि बुधनी की जनता उनके 10 साल पुराने कार्यकाल को नहीं भूल सकती।












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