उपराष्ट्रपति ने सिंधिया परिवार की तीन पीढ़ियों का किया जिक्र, बोले- ज्योतिरादित्य में भविष्य का विजन

रविवार को ग्वालियर में जीवाजी विश्वविद्यालय के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने जीवाजी राव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण किया।

इस ऐतिहासिक मौके पर उपराष्ट्रपति ने जीवाजी राव सिंधिया के योगदान को याद करते हुए उनकी शिक्षा और जनता की सेवा के प्रति अविस्मरणीय कार्यों की सराहना की।

Jyotiraditya Scindia Vice President mentioned three generations of the family

उपराष्ट्रपति ने किया जीवाजी राव का गुणगान

इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, "जीवाजी राव ने आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। वह जानते थे कि शिक्षा समाज में समानता लाती है, जागरूकता पैदा करती है, और लोकतंत्र एवं संविधान को मजबूती देती है। उनका दृष्टिकोण समाज को समृद्ध बनाने के लिए था। उनके दृष्टिकोण ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा दी।"

उन्होंने यह भी कहा कि जीवाजी राव के कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना था कि शिक्षा से ही सामाजिक उत्थान और राष्ट्रीय प्रगति संभव है। इस मौके पर जीवाजी राव की मूर्ति के अनावरण को उनके योगदान के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि के रूप में देखा गया।

Jyotiraditya Scindia Vice President mentioned three generations of the family

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद

इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंत्री तुलसी सिलावट समेत जीवाजी विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति धनखड़ ने विश्वविद्यालय के महत्व और शैक्षिक क्षेत्र में इसके योगदान को सराहा।

उपराष्ट्रपति ने सिंधिया परिवार की तीन पीढ़ियों का किया जिक्र

कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने सिंधिया परिवार की राजनीति पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "आज का दिन मेरे लिए अविस्मरणीय है। मैंने सिंधिया परिवार की तीन पीढ़ियों की राजनीति को देखा है। 1989 में मुझे राजमाता का आशीर्वाद मिला था, जो आज मुझे इस मुकाम तक पहुंचाने का कारण बना। माधवराव जी की राजनीति और उनके काम को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उनके कामों की छाप हर मंत्रालय में देखी जाती है, विशेष रूप से रेल मंत्रालय में।"

उन्होंने यह भी कहा कि "माधवराव जी मुसीबत और दुख के समय हमेशा पहले फोन करते थे। अब, उनकी ज्योति (ज्योतिरादित्य सिंधिया) संसद में नजर आ रही है। आज दुनियाभर में सिंधिया परिवार की सेवा और परंपरा का लोहा माना जाता है।"

सिंधिया के विजन पर उपराष्ट्रपति ने किया जोर

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, "जीवाजी राव के बाद सिंधिया परिवार ने हमेशा जनता की सेवा के लिए काम किया है। आज ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उसी राह पर चल रहे हैं और उनके पास भविष्य के लिए स्पष्ट विजन है। आज हमें भविष्य के लिए ठोस विजन की आवश्यकता है, और मुझे पूरा विश्वास है कि सिंधिया जी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे।"

सुरक्षा व्यवस्था और विजिट

उपराष्ट्रपति धनखड़ का ग्वालियर दौरा बहुत ही भव्य और सुरक्षित था। उनके आगमन पर एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें 1800 जवान और अफसर तैनात थे। उपराष्ट्रपति के ग्वालियर दौरे के दौरान वह जयविलास पैलेस भी पहुंचे, जो सिंधिया परिवार का ऐतिहासिक निवास स्थल है। उनका यह दौरा ग्वालियर और प्रदेश के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि इसने न सिर्फ शैक्षिक उन्नति को सम्मानित किया, बल्कि सिंधिया परिवार की भूमिका को भी रेखांकित किया।

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