MP News: शराब कांड, केंद्रीय मंत्री सिंधिया के आदेश पर डाक विभाग का सख्त एक्शन, तीन कर्मचारी सस्पेंड
MP News: झारखंड के टाटानगर पोस्ट ऑफिस में ड्यूटी के दौरान खुलेआम शराब पीने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 3 मई 2025 की रात को कुछ डाककर्मी कार्यालय परिसर में शराब पीते और हुड़दंग मचाते हुए कैमरे में कैद हो गए।
मीडिया में मामला उजागर होने के बाद केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्वरित संज्ञान लिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। जांच में दोषी पाए गए चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

शराब कांड की रात: 3 मई का वाकया
3 मई की रात टाटानगर पोस्ट ऑफिस परिसर में कुछ डाककर्मी खुलेआम शराब पीते और हुड़दंग मचाते हुए कैमरे में कैद हो गए। स्थानीय मीडिया ने इस घटना का खुलासा किया, जिससे मामला सुर्खियों में आ गया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना की आलोचना की गई।
जांच और कार्रवाई: 'जीरो टॉलरेंस' का सबूत
वरीय डाक अधीक्षक परमानंद कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच कमेटी गठित की। सहायक अधीक्षक (पश्चिम) परीक्षित सेठ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच में पाया गया कि 3 मई की रात टाटानगर पोस्ट ऑफिस परिसर में चार कर्मचारियों-एलएसजी डाक सहायक नितेश कुमार, ओवरसियर अमित कुमार ठाकुर, नाइट गार्ड जितेंद्र कुमार, और जीडीएस बीपीएम सूरज कुमार साहू-ने खुलेआम शराब पी थी। यह कार्यालयीन अनुशासन और सेवा नियमों का घोर उल्लंघन था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डाक विभाग ने त्वरित कार्रवाई की:
- निलंबन: नितेश कुमार, अमित कुमार ठाकुर, और जितेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
- निष्कासन: जीडीएस बीपीएम सूरज कुमार साहू को ड्यूटी से पूरी तरह हटा दिया गया।
वरीय डाक अधीक्षक परमानंद कुमार ने बयान जारी कर कहा, "यह घटना डाक विभाग की छवि के लिए शर्मनाक है। केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर हमने तत्काल कार्रवाई की है। भविष्य में ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
सिंधिया का सख्त रुख: 'कार्यालय में शराब अस्वीकार्य'
केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले को व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया। उन्होंने डाक विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालय परिसर में शराब पीना या किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बख्शा नहीं जाएगा। सिंधिया ने कहा, "डाक विभाग जनता की सेवा के लिए है। कर्मचारियों का ऐसा आचरण न केवल विभाग की साख को ठेस पहुंचाता है, बल्कि जनता के भरोसे को भी तोड़ता है। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करती है।"
डाक विभाग की छवि पर सवाल
टाटानगर पोस्ट ऑफिस की यह घटना डाक विभाग की कार्य संस्कृति और अनुशासन पर गंभीर सवाल उठाती है। डाक विभाग, जो देश की सबसे पुरानी और विश्वसनीय संस्थाओं में से एक है, जनता के बीच अपनी साख के लिए जाना जाता है। लेकिन ऐसी घटनाएं विभाग की छवि को धूमिल करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डाक विभाग को कर्मचारियों के प्रशिक्षण, नियमित निगरानी, और सख्त अनुशासन नीति पर जोर देना होगा।
पहले भी विवादों में रहा टाटानगर पोस्ट ऑफिस
टाटानगर पोस्ट ऑफिस पहले भी छोटे-मोटे विवादों में रहा है। 2023 में एक कर्मचारी पर डाक वितरण में लापरवाही का आरोप लगा था, जिसके बाद उसे चेतावनी दी गई थी। हालांकि, शराब पीने जैसी गंभीर घटना पहली बार सामने आई है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और मांग कर रहे हैं कि विभाग कार्यालय परिसर में सीसीटीवी और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करे।
Jyotiraditya Scindia: कानूनी और प्रशासनिक पहलू
निलंबित कर्मचारियों-नितेश कुमार, अमित कुमार ठाकुर, और जितेंद्र कुमार-के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी। अगर जांच में और गंभीर तथ्य सामने आए, तो उनकी बर्खास्तगी या अन्य सजा भी हो सकती है। सूरज कुमार साहू, जो ग्रामीण डाक सेवक (GDS) थे, को पहले ही ड्यूटी से हटा दिया गया है। डाक विभाग के नियमों के अनुसार, कार्यालय में शराब पीना और ड्यूटी के दौरान नशा करना गंभीर सेवा उल्लंघन है, जिसके लिए सजा का प्रावधान है।
Jyotiraditya Scindia: डाक विभाग की छवि पर सवाल
टाटानगर पोस्ट ऑफिस की यह घटना डाक विभाग की कार्य संस्कृति और अनुशासन पर गंभीर सवाल उठाती है। डाक विभाग, जो देश की सबसे पुरानी और विश्वसनीय संस्थाओं में से एक है, जनता के बीच अपनी साख के लिए जाना जाता है। लेकिन ऐसी घटनाएं विभाग की छवि को धूमिल करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डाक विभाग को कर्मचारियों के प्रशिक्षण, नियमित निगरानी, और सख्त अनुशासन नीति पर जोर देना होगा।
जमशेदपुर के एक सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सिंह ने कहा, "पोस्ट ऑफिस में लोग अपने पैसे और जरूरी दस्तावेजों के लिए भरोसा करते हैं। अगर कर्मचारी ही शराब पीकर ड्यूटी करेंगे, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? यह कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन पूरे सिस्टम में सुधार चाहिए।"
सवाल और मांगें
- कर्मचारियों की जवाबदेही: क्या अन्य डाक कर्मचारी भी ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं? पूरे विभाग की स्क्रीनिंग कब होगी?
- सीसीटीवी और निगरानी: टाटानगर पोस्ट ऑफिस में सीसीटीवी क्यों नहीं थे? क्या अब उनकी स्थापना होगी?
- सिंधिया की नीति: क्या केंद्रीय मंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति पूरे डाक विभाग में लागू होगी?
- जनता का भरोसा: डाक विभाग अपनी छवि कैसे सुधारेगा, ताकि जनता का विश्वास बहाल हो?












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