केंद्रीय मंत्री सिंधिया के प्रयासों से गुना-बेंगलुरु सीधी रेल सेवा को मंजूरी, ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए सौगात
मध्य प्रदेश के गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी जिलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय संचार मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के अथक प्रयासों के फलस्वरूप गुना से बेंगलुरु के लिए सीधी रेल सेवा (गाड़ी संख्या 11085/11086, सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल, बेंगलुरु-ग्वालियर वाया गुना) को केंद्रीय रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।
यह रेल सेवा ग्वालियर-चंबल अंचल की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात है, जो क्षेत्र के लाखों युवाओं को देश के आईटी हब बेंगलुरु से सीधे जोड़ेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संबंध में पत्र जारी कर परिचालन की स्वीकृति दी, जिसके लिए सिंधिया ने उनका हृदय से आभार जताया है।

सिंधिया की पहल, वर्षों पुरानी मांग पूरी
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो गुना लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं, ने क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय से प्रयास किए हैं। गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी के लगभग 40 लाख लोग अब तक बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से सीधे रेल संपर्क के अभाव में बीना, भोपाल, या ग्वालियर जैसे स्टेशनों से यात्रा करने को मजबूर थे। इससे उनकी यात्रा में 8-10 घंटे का अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ बढ़ता था।
सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि गुना लोकसभा क्षेत्र के 25% युवा तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर बेंगलुरु में आईटी, बीपीओ, और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हर सप्ताह सैकड़ों युवा इन जिलों से बेंगलुरु की यात्रा करते हैं। इसके अलावा, गुना और आसपास के क्षेत्रों से पर्यटक, छात्र, और उद्यमी भी बेंगलुरु जाते हैं, लेकिन सीधी रेल सेवा न होने से उन्हें असुविधा होती थी।
सिंधिया ने अपने पत्र में लिखा, "गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी की 40 लाख आबादी के लिए रेल मार्ग केवल ग्वालियर से होकर कोटा या बीना की ओर जाता है। बेंगलुरु जैसे आईटी हब से सीधा संपर्क न होने से क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास प्रभावित हो रहा है।" उनकी इस मांग को रेल मंत्रालय ने गंभीरता से लिया, और 27 मई 2025 को रेल मंत्री वैष्णव ने गाड़ी संख्या 11085/11086 के परिचालन को मंजूरी दे दी।
नई रेल सेवा, क्या है खास?
सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल, बेंगलुरु से ग्वालियर (वाया गुना) तक चलने वाली यह नई ट्रेन गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी को देश के सबसे बड़े आईटी हब से जोड़ेगी। पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के भोपाल मंडल के तहत यह सेवा जल्द शुरू होगी। ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं:
मार्ग: बेंगलुरु (SMVT) - हुबली - पुणे - नागपुर - भोपाल - गुना - शिवपुरी - ग्वालियर।
गाड़ी संख्या: 11085 (बेंगलुरु-ग्वालियर), 11086 (ग्वालियर-बेंगलुरु)।
Jyotiraditya Scindia: क्या लाभ होंगे?
- यात्रा समय में 8-10 घंटे की बचत।
- गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी के यात्रियों को सीधा कनेक्शन।
- आईटी पेशेवरों, छात्रों, और पर्यटकों के लिए सुविधा।
- आर्थिक प्रभाव: आईटी और बीपीओ कंपनियों के लिए गुना में निवेश की संभावना बढ़ेगी।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने पत्र में लिखा, "यह सीधी रेल सेवा गुना क्षेत्र के लोगों के लिए यात्रा को सहज बनाएगी और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने का सार्थक कदम है।" पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, "यह ट्रेन क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। हम जल्द से जल्द परिचालन शुरू करने के लिए तैयार हैं।"
सिंधिया का आभार और संदेश
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए X पर पोस्ट किया: "मेरे विशेष अनुरोध पर गुना से बेंगलुरु के लिए नई रेलगाड़ी के परिचालन को मंजूरी देने के लिए रेल मंत्रालय का हार्दिक धन्यवाद। ग्वालियर-चंबल अंचल की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी का हृदय से आभार। गुना क्षेत्र के यात्री, विशेषकर बेंगलुरु में कार्यरत मेरे युवा साथी, जल्द ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।"
सिंधिया ने गुना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "यह रेल सेवा केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी के युवाओं के सपनों को बेंगलुरु के अवसरों से जोड़ने का सेतु है। यह क्षेत्र अब देश के आईटी हब से सीधे जुड़ गया है।" उन्होंने यह भी वादा किया कि वे क्षेत्र की अन्य रेल मांगों, जैसे गुना-इटावा रेल लाइन और शिवपुरी-कोटा कनेक्टिविटी, के लिए प्रयास जारी रखेंगे।
Jyotiraditya Scindia: गुना-बेंगलुरु रेल सेवा का क्षेत्र पर गहरा प्रभाव पड़ेगा
युवाओं के लिए अवसर: गुना क्षेत्र के 25% युवा आईटी और बीपीओ क्षेत्र में कार्यरत हैं। यह ट्रेन उनकी यात्रा को सस्ता और सुविधाजनक बनाएगी।
आर्थिक विकास: बेंगलुरु की आईटी कंपनियां अब गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी में निवेश पर विचार कर सकती हैं, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से कार्यबल की उपलब्धता बढ़ेगी।
पर्यटन: शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क, चंदेरी के ऐतिहासिक स्थल, और गुना के पर्यटन स्थल अब बेंगलुरु के पर्यटकों के लिए सुलभ होंगे।
शिक्षा: बेंगलुरु के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को सीधा लाभ होगा।
जनता और विपक्ष
- जनता: गुना, अशोकनगर, और शिवपुरी के लोग इस फैसले से उत्साहित हैं। अशोकनगर के आईटी पेशेवर राहुल वर्मा ने कहा, "अब मुझे भोपाल या ग्वालियर नहीं जाना पड़ेगा। यह ट्रेन मेरे लिए वरदान है।"
- कांग्रेस: प्रदेश कांग्रेस ने इस कदम का स्वागत किया, लेकिन इसे सिंधिया की बजाय रेल मंत्रालय की उपलब्धि बताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "यह ट्रेन जरूरी थी, लेकिन सिंधिया इसे अपनी उपलब्धि बताकर श्रेय ले रहे हैं।
चुनौतियां और भविष्य
- परिचालन समय: रेलवे ने अभी ट्रेन की समय-सारणी और शुभारंभ तिथि की घोषणा नहीं की। यात्री जल्द शुरूआत की मांग कर रहे हैं।
- बुनियादी ढांचा: गुना और अशोकनगर स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, और पार्किंग की सुविधा बढ़ानी होगी।
- रखरखाव: लंबी दूरी की इस ट्रेन के लिए कवच प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का उपयोग सुनिश्चित करना होगा।
- अन्य मांगें: गुना-इटावा और शिवपुरी-कोटा रेल लाइन की मांग अभी बाकी है।
- वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने कहा, "हम जल्द ही परिचालन शुरू करने के लिए काम कर रहे हैं। यह ट्रेन क्षेत्र की कनेक्टिविटी को क्रांतिकारी बनाएगी।"












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