MP News: बड़ा IAS प्रशासनिक उलटफेर, चार कलेक्टर बदले, आशीष सिंह को सिंहस्थ 2028 की कमान"
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक हलकों में एक बार फिर से बड़ा बदलाव देखने को मिला है। देर रात सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी की गई तबादला सूची में चार जिलों-विदिशा, उज्जैन, हरदा और अशोकनगर-के कलेक्टरों को बदला गया है।
इसके साथ ही इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह को उनकी वर्तमान जिम्मेदारी के साथ-साथ उज्जैन सिंहस्थ मेला 2028 की तैयारियों का प्रभारी भी नियुक्त किया गया है। यह कदम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी के बाद उठाया गया है।

सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक दक्षता, भविष्य की योजनाओं और खासतौर पर सिंहस्थ मेले जैसे विशाल आयोजन को लेकर सरकार की तैयारियों का हिस्सा है।
चार जिलों में कलेक्टरों का बदलाव: जिलेवार विवरण
1.विदिशा
- पुराने कलेक्टर: रोशन कुमार सिंह (बैच 2015) को हटाकर भोपाल में मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है।
- नए कलेक्टर: विनोद कुमार (बैच 2014) को विदिशा की कमान सौंपी गई है। वे पूर्व में उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल के पद पर कार्यरत थे। सरकार उन्हें विकास परियोजनाओं में तेजी लाने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से विदिशा भेज रही है।
2. उज्जैन
- पुराने कलेक्टर: नितिन गिरीश तलेरजा (बैच 2017) का तबादला कर उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय, भोपाल में उप सचिव नियुक्त किया गया है।
- नए कलेक्टर: साकेत मालवीय (बैच 2016), जो पूर्व में जिला पंचायत भोपाल के सीईओ थे, अब उज्जैन की बागडोर संभालेंगे। सिंहस्थ मेला 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह नियुक्ति बेहद रणनीतिक मानी जा रही है।
3.हरदा
- पुराने कलेक्टर: आदित्य सिंह (बैच 2016) को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भोपाल में संचालक नियुक्त किया गया है।
- नए कलेक्टर: सौरभ सुमन (बैच 2017), जो रीवा में जिला पंचायत सीईओ थे, अब हरदा कलेक्टर होंगे। उनके सामने आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे होंगे।
अशोकनगर
- पुराने कलेक्टर: मनीष सक्सेना (बैच 2017) को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल में उप सचिव बनाया गया है।
- नए कलेक्टर: सुरेश मिश्रा (बैच 2016), पूर्व सीईओ, जिला पंचायत गुना, अब अशोकनगर के प्रशासनिक मुखिया होंगे। सरकार को उनसे कृषि एवं ग्रामीण विकास क्षेत्र में सुधार की उम्मीद है।
सिंहस्थ मेला 2028: आशीष सिंह को सौंपी गई महती जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह (बैच 2006) को उज्जैन सिंहस्थ मेला 2028 के लिए विशेष प्रभारी नियुक्त किया है। आशीष सिंह की प्रशासनिक दक्षता और अनुभव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वे पूर्व में भोपाल और ग्वालियर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी कलेक्टर रह चुके हैं। इंदौर को लगातार सात वर्षों तक स्वच्छता में देश का नंबर-1 शहर बनाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
सिंहस्थ मेला, जो हर 12 वर्षों में उज्जैन में आयोजित होता है, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से उज्जैन पहुंचते हैं। आशीष सिंह की भूमिका मेला क्षेत्र की आधारभूत संरचना, सुरक्षा, आवागमन व्यवस्था और धार्मिक व्यवस्थाओं की निगरानी और प्रबंधन में अहम होगी।
तबादलों की व्यापक पृष्ठभूमि
- यह फेरबदल अकेला नहीं है। इससे पहले भी मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर कई बार व्यापक तबादले किए जा चुके हैं:
- 27 जनवरी 2025: 42 IAS अधिकारियों के तबादले, जिनमें 12 जिलों के कलेक्टर बदले गए।
- 8 दिसंबर 2024: 15 अधिकारियों की तबादला सूची जारी हुई थी।
- अब अप्रैल 2025 की इस नई सूची को प्रशासनिक सुधार और आगामी कार्यक्रमों की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक फेरबदल के मुख्य कारण
- सिंहस्थ मेला 2028 की तैयारियां - उज्जैन और उसके आसपास के क्षेत्रों में विकास और व्यवस्थाओं की जरूरत को देखते हुए प्रशासनिक रूप से चुस्त टीम बनाई जा रही है।
- प्रशासनिक दक्षता - विदिशा, हरदा और अशोकनगर जैसे जिलों में विकास परियोजनाओं की रफ्तार और निगरानी बढ़ाने के लिए नए कलेक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है।
- युवा नेतृत्व को मौका - 2014 से 2017 बैच के अधिकारियों को कलेक्टर पदों पर लाकर नई ऊर्जा और दृष्टिकोण लाने का प्रयास।
- स्थानीय चुनावों की तैयारी - भले ही विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए यह बदलाव जरूरी माने जा रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, सियासत भी गरमाई
कांग्रेस का हमला: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, "बीजेपी सरकार हर तीन महीने में कलेक्टर बदल रही है। यह प्रशासनिक अस्थिरता का प्रतीक है। क्या सरकार को अपने ही अधिकारियों पर भरोसा नहीं रहा?"
बीजेपी की सफाई: वहीं, प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने इन तबादलों को जरूरी और दूरदर्शी बताते हुए कहा, "मुख्यमंत्री मोहन यादव सुशासन और विकास को लेकर प्रतिबद्ध हैं। सिंहस्थ मेला जैसे आयोजन को व्यवस्थित बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। कांग्रेस को सिर्फ सियासत करनी आती है।"












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