Burhanpur: हिट एंड रन कानून के विरोध में ऑटो चालकों को चप्पलों की माला पहनाने की कोशिश, गाड़ियों की हवा निकाली
hit and run new law: केंद्र सरकार द्वारा हिट एंड रन कानून में किए गए संशोधन का विरोध उग्र हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे वाहन चालकों पर दिख रहा है। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में ऑटो वाहन चालक टोली बनाकर इंदौर इच्छापुर राजमार्ग पर रावेर राजमार्ग पर घूम रहे हैं और जो वाहन चालक अपने वाहनों से यात्रियों को लाना ले जाना कर रहे हैं उन्हें हाथ जोड़कर साथ देने की अपील कर रहे हैं और नहीं मानने पर उनके गले में जुटे चप्पल की माला पहनाई जा रही है।
दरअसल बुरहानपुर में दूसरे दिन सुबह से वाहन चालक सड़कों पर ऐसे वाहन चालकों को ढूंढ रहे, जो आंदोलन में शामिल नहीं है। बहादुरपुर रोड पर कुछ ऑटो चालकों ने एक ऑटो चालक को रोका और उसे हाथ जोड़कर अपील की जब ऑटो चालक बहस करने लगा तो एक ऑटो चालक ने उसके गले में जुटे चप्पल की माला पहनने की कोशिश करने लगा।

लेकिन उसने तुरंत हाथ जोड़ते हुए कहा कि गलती हो गई अब दोबारा गलती नहीं होगी। इसके बाद जूते चप्पल की माला नहीं पहना पाई। ऑटो चालकों की टोली एक-एक कर सभी ऑटो चालक वाहन चालकों को अपने साथ गाड़ी में बैठ कर आंदोलन स्थल पर लेकर गए और उन्हें भी अपने साथ आंदोलन में शामिल किया।
लोग हो रहे परेशान पैदल कर रहे हैं यात्रा
बस ऑटो टाटा मैजिक सभी वाहन पूरी तरह से बंद पड़े हुए हैं। जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा आमजन मानस को भुगतना पड़ रहा है। शहर से लालबाग रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 5 किलोमीटर दूर है। यहां से यात्रियों को काफी मुश्किल से बुरहानपुर आना पड़ रहा है। कई यात्रियों को पैदल चलना पड़ रहा है तो कई यात्री लिफ्ट लेते हुए अपने घर पहुंच रहे हैं।
ऑटो यूनियन के पदाधिकारी का कहना है कि हम वाहन चालकों से अपील कर रहे हैं कि वह इस आंदोलन में हमारा साथ दे यदि यह कानून पास हो जाता है। तो इसका सबसे ज्यादा खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ेगा। हम लोगों के पास इतने रुपए नहीं है कि हम इस कानून के मुताबिक भरपाई करेंगे। हम खुद किराए के ऑटो चला रहे हैं। बैंक से लोन लेकर रखा है उसे भरने में भी सक्षम नहीं है तो भला इस नए कानून के मुताबिक हम किसी की जान का नुकसान होता है तो उसे राशि किस तरह देंगे इसीलिए सभी वाहन चालक केंद्र सरकार के इस काले कानून का विरोध कर रहे हैं। अपने वाहन चलने वाले साथियों से अपील कर रहे हैं कि वह हमारा साथ दे और केंद्र सरकार के इस काले कानून का विरोध करे।
बस स्टैंड पर तंबू डालकर बैठे हैं बस चालक परिचालक
बस चालकों की दो दिनों से हड़ताल जारी है जिसके चलते बस चालकों ने पूरी तरह से अपना काम बंद कर दिया है। बस स्टैंड पर तंबू डालकर बैठे हुए हैं। और सरकार के कानून के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं बस एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारी सदस्य मिलिंद चौधरी ने कहा कि यात्रियों को जो परेशानी हो रही है हम उसके लिए खेद है। लेकिन सरकार ने जो काला कानून लागू किया है। इससे हमारी अर्थव्यवस्था खराब हो जाएगी हमारी इतनी आमदनी नहीं होती है। कि हम किसी की जान का नुकसान भरेंगे जब तक के केंद्र सरकार इस कानून में कोई बदलाव नहीं करती तब तक हमारे आंदोलन की रूपरेखा जारी रहेगी और हम यह भी विश्वास दिलाते हैं कि हम वाहनों पर पूरे कागज लेकर चला करेंगे












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