Panna: कलेक्टर राजनीतिक एजेंट की तरह काम कर रहे, इन्हें पद से हटा देना चाहिए: हाईकोर्ट
सागर, 3 अगस्त। मप्र हाईकोर्ट ने पन्ना जिला पंचायत अध्यक्ष और गुन्नौर जनपद उपाध्यक्ष के चुनाव में जिला प्रशासन व कलेक्टर की भूमिका को लेकर सख्त टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि पन्ना कलेक्टर किसी राजनीतिक एजेंट की तरह काम कर रहे हैं, इन्हें पद से तत्काल हटा देना चाहिए। इस आशय की पोस्ट और वीडियो कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने अपने ट्वीटर हैंडिल पर डाली थी। गुन्नौर के कांग्रेस नेता ने जिला निवार्चन अधिकारी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी।

जबलपुर हाईकोर्ट ने परमानंद शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा की भूमिका को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि पन्ना कलेक्टर पॉलिटिकल एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पद से हटा देना चाहिए। कोर्ट ने पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को कड़े शब्दों में फटकार भी लगाई है। कोर्ट ने कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल पन्ना में बीते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव तथा गुन्नौर जनपद अध्यक्ष के चुनाव में अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जिला प्रशासन व निर्वाचन में लगे अफसरों पर गड़बड़ी क आरोप लगे थे। मामले में जो जानकारी मिली है, उसमें बीते 27 जुलाई को हुए जनपद पंचायत गुन्नौर में उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता परमानंद शर्मा ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को हाईकोर्ट इसी मामले की सुनवाई कर रहा था, इसी दौरान कलेक्टर पर सख्त टिप्पणी की है।
पहले कांग्रेस नेता उपाध्यक्ष बने, अपील के बाद भाजपा का उपाध्यक्ष बन गया
दरअसल पूरा मामला पन्ना की गुन्नौर जनपद पंचायत में उपाध्यक्ष के चुनाव से जुडा हुआ है। कांग्रेस समर्थक जनपद सदस्य परमानंद शर्मा को चुनाव में 12 वोट मिले थे, वे एक वोट से जीतकर उपाध्यक्ष बन गए थे। उन्हें विजय होने का प्रमाण-पत्र भी प्रदान कर दिया गया था। बाद में भाजपा के हारे प्रत्याशी रामशिरोमणि मिश्रा ने अपील की तो एक बैलेट पेपर को निरस्त कर दिया गया, उस पर स्याही लगी होने का आधार बना लिया गया। अब दोनों के बराबर वोट होने के बाद पर्ची सिस्टम से भाजपा रामशिरोमणि मिश्रा को उपाध्यक्ष पद पर विजय घोषित कर दिया गया।












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