Guna News: सीट बेल्ट नहीं लगाने के चक्कर में गई 3 लोगों की जान, बेटे ने सरपट दौड़ाई कार और फिर...

मध्य प्रदेश के गुना जिले के बीनागंज में नेशनल हाइवे 46 पर सड़क एक्सीडेंट में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के निवासी अशोक श्रीवास्तव अपनी पत्नी विनीता व बेटे अभिषेक के साथ उज्जैन महाकाल दर्शन करने के बाद वापिस ललितपुर लौट रहे थे। अशोक श्रीवास्तव के साथ उनके पड़ोसी बृजेश पांडे भी थे।

वाहन में सवार अशोक श्रीवास्तव सुबह ज़ब बीनागंज बाईपास से से जा रहे थे उसी समय कार डिवाइडर से टकरा गई और अनियंत्रित होकर खेत में जा गिरी। एक्सीडेंट इतना दर्दनाक था कि कार में सवार अशोक श्रीवास्तव उनकी पत्नी विनीता व पड़ोसी बृजेश पांडे कि घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

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सीट बेल्ट ने बेटे को दी वरदान
अशोक श्रीवास्तव का बेटा अभिषेक सीट बेल्ट बांधे हुए था, इसलिए। उसकी जान बच गई है। आपको बता दे हादसे के समय कार में लगे सभी एयरबैग खुल गए लेकिन फिर भी तीनों लोगों की जान नहीं बच पाई। NH 46 पर बीनागंज के सागर होटल के पास हादसे में 3 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

हादसा सोमवार सुबह 6 बजे के करीब का बताया जा रहा है। चाचौड़ा पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया हैं।

जानिए किस वजह से हुआ हादसा
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। इस स्पेशल एक्सीडेंट का कारण कार चला रहे बेटे अभिषेक को नींद का झोंका आया था, जिससे कार अनियंत्रित हो गई थी। अनियंत्रित हुई कार फिर कंट्रोल न हो सकी। जिसके कारण पूरी घटना घट गई। घटना के बाद मृतकों और घायल को अस्पताल पहुंचाया गया है।

छोटी लापरवाही से एक्सीडेंट
स्थानी लोगों की माने तो वाहन में सीट बेल्ट लगाकर रखने से हादसे में सुरक्षित रहने की संभावना अधिक होती है। लेकिन, लापरवाही के कारण लोग सीट बेल्ट नहीं बांधते हैं। जिसके कारण लोग हादसों का शिकार होते हैं। जिसमें उनकी मौत तक हो जाती है। इस घटना में भी परिवार के केवल एक सदस्य ने ही सीट बेल्ट लगाया था। जिसकी जान बच सकी है।

स्थानीय लोगों ने की मदद
बीनागंज चौकी प्रभारी SI नीरज लोधी ने जानकारी दी की एक्सीडेंट में पति अशोक, पत्नी विनीता और पड़ोसी मनोज की मौत हो गई है। एयरबैग खुलने से बेटे अभिषेक की जान बच गई है् मगर वह अब भी घायल है। जिसका ईलाज अस्पताल में जारी है। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को जल्द से जल्द से अस्पताल पहुंचानें मदद मिली है।

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