MP News: देवास में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत कांग्रेसियों पर FIR दर्ज, कैंडल मार्च को लेकर विवाद
देवास के नाहर दरवाजा पुलिस ने सोमवार को पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत 13 कांग्रेसियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह कार्रवाई रविवार शाम को आयोजित कैंडल मार्च के संबंध में की गई, जिसमें कांग्रेसियों ने मध्य प्रदेश में बढ़ते अपराधों और महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ यौन शोषण की घटनाओं के खिलाफ विरोध जताया था। पुलिस का कहना है कि कांग्रेसियों ने इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

कैंडल मार्च का उद्देश्य
कैंडल मार्च का आयोजन उन गंभीर मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए किया गया था, जो वर्तमान समय में समाज को प्रभावित कर रहे हैं। कांग्रेसियों ने इस मार्च के माध्यम से महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। इसमें पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष मितेंद्र सिंह और अन्य कांग्रेसी शामिल हुए थे।
पुलिस का तर्क
पुलिस के अनुसार, कैंडल मार्च के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी, जिससे यह कार्रवाई की गई। पुलिस का मानना है कि बिना अनुमति के ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना नियमों का उल्लंघन है।
कांग्रेस का बचाव
इस मामले में कांग्रेस के नेताओं ने अपनी बात रखी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने कहा कि उन्होंने पहले शहर में मशाल रैली निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। नवरात्रि के महत्व को समझते हुए, उन्होंने विक्रम सभा कैंपस में नेहरू जी की प्रतिमा के सामने शांतिपूर्वक कैंडल जलाकर विरोध किया। राजानी ने कहा, "हमने सड़क पर नहीं, बल्कि एक शांति पूर्वक तरीके से कैंडल जलाए। फिर भी, हमारे खिलाफ मामला दर्ज करना अन्याय है। हम इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देंगे।"
सीखने की आवश्यकता
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि राजनीतिक प्रदर्शन और समाज में उठ रहे मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता महत्वपूर्ण है। इस विवाद ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिकारियों और नेताओं के बीच संवाद की आवश्यकता है, ताकि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सके।












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