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MP News: रेलवे स्टेशन पर मारपीट, लेडी SI पार्किंग शुल्क मांगने पर भड़कीं, बोलीं- 'पुलिसवालों के पैसे नहीं लगते

MP Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा पार्किंग कर्मचारी के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना 21 अक्टूबर को जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हुई।

एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें बरेला थाने में पदस्थ महिला एसआई आरती मंडलोई का पार्किंग शुल्क की वसूली को लेकर एक कर्मचारी के साथ विवाद हो गया। इसके बाद वहां पर जीआरपी थाने में पदस्थ महिला एसआई आकांक्षा सिंह ने युवक की पिटाई कर दी।

Fighting at Jabalpur railway station Lady SI got angry on demanding parking fee GRP policewoman

पूरी घटना विस्तार से

21 अक्टूबर को बरेला थाने में पदस्थ महिला एसआई आरती मंडलोई शासकीय काम से अपनी गाड़ी लेकर रेलवे स्टेशन आईं। गाड़ी को पार्किंग में खड़ा करने के बाद वह कुछ समय के लिए स्टेशन से बाहर चली गईं। जब वह वापस लौटी और गाड़ी निकालने लगीं, तो पार्किंग कर्मचारी ने उनसे पार्किंग शुल्क मांगा। महिला एसआई ने इस पर भड़कते हुए जवाब दिया कि "हम पुलिस हैं, हमारे पैसे नहीं लगते।" इसके बाद महिला पुलिसकर्मी ने बिना पैसे दिए अपनी गाड़ी निकालने की कोशिश की, जिसे रोकने पर कर्मचारी ने गाड़ी की आगे बढ़ने से मना किया। इससे महिला एसआई और भी गुस्से में आ गईं और उन्होंने जीआरपी थाने में फोन कर दिया।

मारपीट और धमकियां:

सूचना मिलते ही जीआरपी थाने में पदस्थ महिला एसआई आकांक्षा सिंह और एक आरक्षक मौके पर पहुंचे। दोनों ने पार्किंग कर्मचारी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और उसे लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने कर्मचारी को धमकाते हुए जीआरपी थाने ले जाने की भी कोशिश की।

इस घटना के बाद, कर्मचारी ने भयभीत होकर नौकरी छोड़ दी और अपने गांव वापस चला गया। वह घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान था और उसके लिए यह स्थिति असहनीय हो गई थी।

प्रशासन ने शुरू की जांच:

वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। एएसपी प्रदीप शेंडे ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोपी एसआई आरती मंडलोई से जवाब तलब किया है। वहीं, जीआरपी एसआई आकांक्षा सिंह को छुट्टी पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपित महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

एसआई आरती मंडलोई ने दी सफाई

एसआई आरती मंडलोई ने घटना के बारे में बताया कि 19 अक्टूबर को वह शासकीय काम से अपनी कार को स्टैंड पर खड़ी करके चली गई थीं। दो दिन बाद, 21 अक्टूबर को जब वह अपनी कार लेने के लिए स्टैंड पहुंचीं, तो पार्किंग स्टैंड के कर्मचारी ने उनसे 1000 रुपए की मांग की। इस पर एसआई ने बताया कि वह शासकीय कार्य से आई थीं और अपना पहचान पत्र (कार्ड) भी दिखाया, ताकि शुल्क से छूट प्राप्त हो सके। बावजूद इसके, कर्मचारी पैसे मांगता रहा।

एसआई ने आगे बताया कि जब उन्होंने कर्मचारी से रसीद मांगी तो वह कर्मचारी अचानक उनके करीब आ गया। इसके बाद एसआई को स्थिति का अहसास हुआ कि कर्मचारी उनके साथ अभद्रता करने की कोशिश कर रहा है। एसआई ने उस कर्मचारी को धक्का देकर अपने आप को सुरक्षित किया और तत्परता से जीआरपी (जी रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की मदद ली।

जीआरपी टीआई का बयान

मामले की सूचना मिलने के बाद जीआरपी थाना प्रभारी बलराम यादव ने कहा कि स्टैंड कर्मचारी सोनू सिंह ने न केवल एसआई आरती मंडलोई के साथ बल्कि उनके सहयोगी महिला एसआई के साथ भी गाली-गलौज की। टीआई ने यह भी बताया कि कर्मचारी का यह आचरण पूरी तरह से निंदनीय था और उसकी अभद्रता के कारण ही स्थिति बिगड़ी। पुलिस विभाग अब इस मामले की जांच कर रहा है और वायरल वीडियो की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

टीआई ने यह भी बताया कि मामले में रैशनल और संवेदनशील तरीके से जांच की जाएगी ताकि इस घटना के जिम्मेदार व्यक्ति को सजा दिलवाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपी कर्मचारी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एएसपी प्रदीप शेंडे ने मांगा स्पष्टीकरण

इस बीच, मामले में एएसपी (एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) प्रदीप शेंडे ने एसआई आरती मंडलोई से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने एसआई से पूछा है कि क्या घटना के दौरान उन्होंने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया था और क्या स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कोई अतिरिक्त कदम उठाए गए थे। एएसपी का कहना था कि यह घटना पुलिसकर्मियों के लिए एक संवेदनशील मामला है, और इसलिए इसकी पूरी जांच की जाएगी।

वायरल वीडियो की हो रही है जांच

घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें स्टैंड कर्मचारी की अभद्रता और एसआई के साथ की गई अव्यवसायिक हरकत को देखा जा सकता है। वीडियो में कर्मचारी को महिला पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौच करते हुए देखा गया है, जिसके बाद एसआई ने उसे धक्का दिया और पुलिस की मदद ली।

वायरल वीडियो की जांच की जा रही है, और यह भी देखा जा रहा है कि इस वीडियो को किसने और क्यों वायरल किया। पुलिस इस बात की भी छानबीन कर रही है कि क्या कर्मचारी ने जानबूझकर महिला पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया या यह एक गलतफहमी का परिणाम था।

सार्वजनिक पार्किंग और कर्मचारी की जिम्मेदारी

यह मामला पार्किंग स्टैंड के कर्मचारियों के आचरण पर सवाल खड़ा करता है, खासकर जब वे सार्वजनिक स्थानों पर शासकीय अधिकारियों और आम लोगों से जुड़े होते हैं। एसआई आरती मंडलोई ने बताया कि उन्हें पहले कभी इस तरह की समस्या नहीं आई थी, लेकिन इस घटना ने यह उजागर किया कि पार्किंग कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर और अधिक सख्त नियमों की आवश्यकता है।

पुलिस प्रशासन की छवि पर असर:

यह घटना पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल उठाती है। जब खुद पुलिसकर्मी इस प्रकार के व्यवहार में लिप्त होंगे, तो आम नागरिकों से अनुशासन की उम्मीद कैसे की जा सकती है? इस घटना ने यह साबित किया है कि पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी और अधिकारों के बारे में सही तरीके से प्रशिक्षित करने की जरूरत है, ताकि इस तरह के दुरुपयोग से बचा जा सके।

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