MP News Seoni: सिवनी में भाजपा नेता और आरक्षक के बीच थाने में विवाद, राजनीति हुई गर्म
Seoni News: सिवनी के कोतवाली थाने में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मयूर दुबे और आरक्षक धनराज बरकड़े के बीच हुए विवाद का वीडियो सामने आने के बाद राजनीति में हलचल मच गई है। इस घटना के बाद आरक्षक धनराज बरकड़े को लाइन अटैच कर दिया गया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
कांग्रेस का सवाल: बीजेपी का कानून व्यवस्था पर कब्जा?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश में भाजपा नेताओं के खिलाफ कानून की कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि सरकारी कर्मचारी आरक्षक को दंडित किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि मयूर दुबे, जो भाजयुमो के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि क्या अब बीजेपी के लोग मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था को अपने हाथ में ले लेंगे।

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आदिवासी समाज की प्रतिक्रिया
आरक्षक धनराज बरकड़े आदिवासी समाज से हैं, और इस मुद्दे ने आदिवासी समुदाय के लोगों को भी प्रभावित किया है। उन्होंने एसपी सुनील मेहता को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि आरोपी भाजयुमो नेता मयूर दुबे को जिला बदर किया जाए। आदिवासी समाज का आरोप है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा और भाजपा नेता को संरक्षण मिल रहा है।
जांच जारी
सिवनी एसपी सुनील मेहता ने पुष्टि की है कि मामले का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने बताया कि यह मामला कोतवाली थाने से संबंधित है और इसकी शिकायत मयूर दुबे ने की थी। एसपी ने कहा कि आदिवासी समाज के लोगों द्वारा भी ज्ञापन दिया गया है। इस मामले की जांच एएसपी गुरु दत्त शर्मा को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूरा मामला क्या है?
कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी के मुताबिक, 20 अगस्त को पुलिस ने फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में आयन खान नाम के युवक को हिरासत में लिया था। भाजयुमो नेता मयूर दुबे थाने पहुंचे और पुलिस पर दबाव बनाने लगे कि उन्हें आयन खान से मिलने दिया जाए।
इस बीच, आरक्षक धनराज बरकड़े ने वरिष्ठ अधिकारियों के आने पर मिलने की बात कही। इस पर मयूर दुबे और धनराज बरकड़े के बीच बहस हो गई। भाजयुमो नेता ने इस घटना की शिकायत की, जिसके बाद 21 अगस्त को एसपी ने आरक्षक धनराज बरकड़े को लाइन अटैच कर दिया।
कांग्रेस का आरोप: पुलिस के फैसले पर सवाल
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं। आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय उइके ने कहा, "आरक्षक धनराज बरकड़े को आदिवासी समाज से होने के नाते लाइन अटैच किया गया है, जबकि वीडियो में भाजयुमो नेता अभद्रता करते नजर आ रहे हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे यह प्रतीत होता है कि पुलिस को भाजयुमो और भाजपा के नेता चला रहे हैं।
आरक्षक ने क्या कहा?
आरक्षक धनराज बरकड़े ने वीडियो में कहा, "मयूर दुबे ने थाने में हमारे साथ बदतमीजी की और पहले भी अभद्र व्यवहार कर चुका है। यह घटना आज हमारे साथ हुई है, लेकिन कल किसी भी अन्य आरक्षक के साथ हो सकती है। अगर पुलिस सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या हाल होगा?"
धनराज बरकड़े ने आरोप लगाया कि मयूर दुबे पर पहले से कई मामलों में दर्ज है और उन्होंने थाने में आदिवासी समाज के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। "हमने उन्हें अभद्रता नहीं की, बल्कि जातिसंगत बात करने से रोका। मयूर दुबे ने हमारे आदिवासी समाज के बारे में गलत बातें की और इसके बाद हमने उनका मोबाइल हटाया," उन्होंने कहा।
कांग्रेस का ट्वीट और आरोप
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "सिवनी में एक आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ा कर युवा मोर्चा का मयूर दुबे खुद के कब्जे में लेने पर आमादा हो गया। अब इस मामले पर संभावित सवालों से सीएम मोहन यादव भली-भांति परिचित ही होंगे। लेकिन मजबूर है युवा नेता को आगे बढ़ाना है और गुंडागर्दी की परंपरा भी निभाना है।"
कांग्रेस ने ट्वीट के माध्यम से भाजपा सरकार पर पक्षपात करने और कानून व्यवस्था की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि मयूर दुबे की गिरफ्तारी और पुलिस के खिलाफ किए गए आरोपों को लेकर भाजपा सरकार जानबूझकर नरमी बरत रही है। कांग्रेस ने इसे भाजपा के नेताओं द्वारा कानून को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की साजिश करार दिया है।












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