MP News: शिवपुरी में हेरोइन तस्करी का बड़ा खुलासा: ईडी ने किया बड़ा ऑपरेशन, 6 आरोपी गिरफ्तार
MP News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवपुरी जिले में एक गोदाम से बड़ी मात्रा में हेरोइन पकड़ी है, जो तस्करी के लिए लाई जा रही थी। इस कार्रवाई में ईडी ने दिल्ली की टीम की मदद से 6 लोगों को गिरफ्तार किया और उनकी संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी एन्क्रिप्टेड एप्लीकेशन का उपयोग करके इस कारोबार को संचालित कर रहे थे।

तस्करी का नेटवर्क
ईडी की जांच में पता चला है कि ये आरोपी अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं। इस तस्करी के लिए एक विशेष कंपनी का सहारा लिया जा रहा था, जिसके माध्यम से हेरोइन को भारत में लाया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लवजीत उर्फ लब्बा, मंजीत सिंह उर्फ मन्ना, प्रभजीत सिंह, गुरजोत सिंह, रमनदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह शामिल हैं। इन सभी की गिरफ्तारी क्रमशः 11 और 18 अक्टूबर को की गई, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने उन्हें सीमा पार ड्रग्स तस्करी के मामले में पकड़ लिया।
जब्ती की जानकारी
ईडी के अनुसार, अब तक कुल 646.52 किलो हेरोइन जब्त की जा चुकी है। इनमें से 293.81 किलो हेरोइन नवा शेवा बंदरगाह पर मेसर्स संधू एक्सपोर्ट्स द्वारा आयातित कंटेनरों में पाई गई थी। इसके अलावा, डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने 352.71 किलो हेरोइन की जब्ती की है। हरियाणा के फरीदाबाद में भी कार्रवाई की गई, जहां 2 वाहन और एक फ्लैट से हेरोइन बरामद हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री का बयान
इस कार्रवाई के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा है, "गरीब के बच्चे गांजा-चरस पीकर दंगा करें और बीजेपी का कोई नेता बचाने न आए। जागो हिंदुओ जागो, धर्म खतरे में है।" इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है और इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
तस्करी का बड़ा खुलासा: ईडी ने किया बड़ा ऑपरेशन
ईडी की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए लवजीत सिंह, मंजीत सिंह, रमनदीप सिंह, गुरजोत सिंह, गुरप्रीत सिंह और प्रभजीत सिंह ने एक सिंडिकेट के जरिए हेरोइन की तस्करी की। यह सिंडिकेट हेरोइन को टैल्क स्टोन और जिप्सम पाउडर के साथ छिपाकर अफगानिस्तान और ईरान से भारत में लाने का काम करता था। इस प्रक्रिया में, वे मेसर्स संधू एक्सपोर्ट्स नामक एक कंपनी का सहारा लेते थे, जिसका स्वामित्व प्रभजीत सिंह के पास था।
कंपनी की भूमिका
ईडी के अनुसार, इस कंपनी का गठन मुख्य रूप से ड्रग्स की तस्करी के लिए किया गया था। आरोपियों ने अवैध धन के स्रोतों को छिपाने के लिए विभिन्न बैंक खातों का इस्तेमाल किया। ईडी ने हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के इस अत्याधुनिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिससे कई वित्तीय लेन-देन और खर्चों की पहचान की गई है।
भुगतान की व्यवस्था
दिलचस्प बात यह है कि आरोपियों ने अफगानी आपूर्तिकर्ताओं को तब तक भुगतान नहीं किया जब तक कि ड्रग्स की बिक्री नहीं हो जाती। भारत में लाने के बाद, हेरोइन को बेचने के बाद ही वे भुगतान करते थे। इसके अलावा, नकद लेन-देन का इस्तेमाल टोयोटा सहित कई महंगे वाहनों की खरीद के लिए किया गया। स्टोरेज हब से ड्रग्स की तस्करी के लिए उन्होंने सेकेंड हैंड फॉर्च्यूनर, इटिओस, और हुंडई वर्ना जैसी गाड़ियां खरीदी थीं।
स्मार्टफोन और अन्य वस्तुओं की खरीद
जांच के दौरान यह भी पता चला कि नकदी का एक हिस्सा महंगे स्मार्टफोन खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया था। यह स्पष्ट करता है कि आरोपियों ने केवल तस्करी पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि अवैध कमाई का उपयोग भौतिक संपत्ति और जीवनशैली में भी किया।












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