MP News: सत्ता का ‘वंशवाद’ मंदिर तक पहुंचा, देवास पुजारी पिटाई केस में BJP विधायक पुत्र पर आरोप, सियासत गरमाई
MP News: मध्य प्रदेश के देवास जिले स्थित प्रसिद्ध माता टेकरी मंदिर में हुई एक कथित मारपीट की घटना ने राज्य की राजनीति में तूफान ला दिया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इंदौर से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला ने अपने साथियों के साथ मंदिर में जबरन प्रवेश कर पुजारी से मारपीट की। जबकि बीजेपी ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे "राजनीतिक साजिश" करार दिया है।

इस विवाद ने न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को झकझोरा है, बल्कि सत्ताधारी दल के नेताओं की कथित दबंगई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच जारी है, और अब सबकी निगाहें सीसीटीवी फुटेज और FIR की दिशा में हैं।
घटना की पूरी कहानी: बंद मंदिर, नाराज 'मेहमान', और मारपीट का आरोप
- यह घटना 11-12 अप्रैल की दरमियानी रात की है, जब लगभग रात 12:40 बजे, माता टेकरी मंदिर (चामुंडा माता मंदिर) के द्वार पर 8-10 गाड़ियों का एक काफिला पहुंचा। कुछ गाड़ियों पर लाल बत्तियां भी लगी थीं।
- मंदिर उस समय बंद हो चुका था, और पुजारी ने मंदिर के गेट खोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुजारी के अनुसार, आए हुए लोगों ने उसे गालियां दीं और फिर मारपीट की। आरोप है कि पुजारी के बेटे उपदेश को भी धमकाया गया।
- पुजारी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस थाने में जीतू रघुवंशी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि जीतू रघुवंशी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है।
FIR और जांच की दिशा
FIR में फिलहाल रुद्राक्ष शुक्ला का नाम नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, गाड़ियों की संख्या और पहचान, तथा पुजारी के बयान इस दिशा में इशारा कर रहे हैं।
नगर पुलिस अधीक्षक दिनेश अग्रवाल ने कहा: "हम लगभग 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रहे हैं। कुछ गाड़ियाँ मंदिर में दाखिल होती दिख रही हैं, लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई कि विधायक का बेटा वहां था या नहीं। निष्पक्ष जांच की जाएगी।" पुलिस ने IPC की धाराओं के तहत मारपीट, गाली-गलौज और जबरन प्रवेश जैसे अपराधों के लिए केस दर्ज किया है। जांच में वीडियो फुटेज, गाड़ी नंबर, और मोबाइल लोकेशन डेटा को खंगाला जा रहा है।
कांग्रेस का हमला: "धर्म पर चोट, सत्ता का अहंकार"
- कांग्रेस ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है:
- जीतू पटवारी (प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस) ने एक्स पर लिखा:
- "भाजपा नेताओं के 'वंश-वृक्ष' में सत्ता का अहंकार पनप गया है। इंदौर विधायक का बेटा बंद मंदिर खुलवाने की जिद में पुजारी की पिटाई करता है। क्या यही 'संस्कार' हैं?"
मुकेश नायक (मीडिया प्रमुख, कांग्रेस) ने बयान में कहा:
- "खुद को सनातन धर्म के रक्षक कहने वाली भाजपा अब मंदिरों में गुंडागर्दी कर रही है। यह नकली भक्ति और असली दबंगई का नमूना है।"
- मनोज रजनी (कांग्रेस अध्यक्ष, देवास) ने कहा:
- "जो लोग दिन में धर्म की बातें करते हैं, वही रात को देवी मंदिर में हिंसा फैलाते हैं।"
- कांग्रेस ने इस मामले में विधायक के बेटे की गिरफ्तारी की मांग की है और सरकार को "गुंडों की गुलाम" बताया है।
बीजेपी का बचाव: "झूठे आरोप, विपक्ष की चाल"
- बीजेपी ने पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की सस्ती सियासत बताया है। प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा:
- "घटना में विधायक या उनके बेटे की कोई भूमिका नहीं है। कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए बिना प्रमाण आरोप लगा रही है।"
- बीजेपी ने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया पर हलचल, वीडियो वायरल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर परिसर का कथित वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लाल बत्ती लगी SUVs मंदिर परिसर में प्रवेश करती दिख रही हैं। कई यूजर्स ने दावा किया कि वीडियो में रुद्राक्ष शुक्ला को भी देखा जा सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
माता टेकरी मंदिर का महत्व और मर्यादा
देवास स्थित माता टेकरी मंदिर एक अत्यंत पवित्र स्थल है, जहां देवी चामुंडा और तुलजा भवानी की पूजा होती है। मंदिर रात में शयन आरती के बाद बंद कर दिया जाता है। पुजारियों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को देर रात में दर्शन की अनुमति नहीं होती, चाहे वह कोई भी हो। इस लिहाज से यह घटना केवल एक कानून-व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि धार्मिक मर्यादा और मंदिर प्रोटोकॉल से भी जुड़ी है।
राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि
- यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य प्रदेश में पहले से ही कुछ संवेदनशील घटनाएं चर्चा में हैं:
- गुना में हनुमान जयंती जुलूस पर पथराव और कथित फायरिंग, जिसमें 9 गिरफ्तारियां हुईं।
- लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त में देरी पर कांग्रेस का निशाना।
- स्वास्थ्य सेवाओं पर विपक्ष का आरोप कि लाखों मरीजों को बाहर रेफर किया गया।
- भोपाल में अमित शाह का दौरा, NDDB और दुग्ध संघ के बीच महत्वपूर्ण MoU पर सियासी नजरें टिकीं।
अगला कदम: जांच की राह और सियासी परिणाम
देवास की यह घटना न सिर्फ स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि यह बीजेपी की छवि और नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर रही है। अगर जांच में विधायक पुत्र की संलिप्तता साबित होती है, तो इससे पार्टी को सियासी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और प्रदेश की सियासत इस मामले पर तीखी प्रतिक्रियाओं और शब्दों की तलवारों से गूंज रही है।












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