Damoh News: प्राइवेट स्कूल के फ्लेक्स से कैसे उठा 'हिजाब' का मुद्दा? पहले क्लीन चिट फिर एक्शन
Damoh school hijab: एमपी के दमोह के प्राइवेट स्कूल में ड्रेस कोड को लेकर उठा हिजाब विवाद अभी ठंडा नहीं पड़ा है। यूनिफॉर्म से हिजाब या बुर्का को भले ही बंधन मुक्त करने का दावा हो रहा है।

Damoh school hijab: कभी बुर्का तो कभी हिजाब या फिर स्कूल-कॉलेज की प्रार्थना-पाठ्यक्रम, कुछ शैक्षणिक संस्थानों में विवाद की वजह बनते रहे। अब दमोह के ताजा मामले ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकल प्रशासन ने पहले तो स्कूल को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ गया हैं।
हालांकि सरकार के निर्देश के बाद प्रशासन दोबारा हरकत में आया। जिसके बाद संबंधित प्राइवेट स्कूल में हिजाब की अनिवार्यता को बंधन मुक्त करने का दावा किया गया हैं। आपको भी यह जानना जरुरी कि वर्षों से चल रहे इस स्कूल से अचानक 'हिजाब' का हल्ला कैसे मचा।
इस पूरे बवाल की जड़ प्राइवेट स्कूल की दीवार पर लगा फ्लेक्स कटआउट रहा। एमपी बोर्ड परीक्षा के नतीजों में टॉपर रही स्टूडेंट्स की तस्वीर नाम के साथ इसमें छापी गई। यहां तक तो ठीक था। लेकिन छात्राओं का सिर से पीछे की तरफ काले कपड़े से ढका होना हिजाब माना जा रहा हैं।

शहर के हिन्दूवादी संगठनों तक जब यह खबर पहुंची और उन्होंने भी फ्लेक्स देखा तो स्कूल प्रबंधन को आड़े हाथों लिया। आरोप लगाया कि फ्लेक्स में कई हिन्दू छात्राओं की भी फोटो है, जो हिजाब पहने है। इस आधार पर दावा किया गया कि स्कूल में जबरिया हिन्दू स्टूडेंट्स को हिजाब पहनने मजबूर किया जा रहा हैं।
सोशल मीडिया पर भी ये फ्लेक्स जमकर वायरल होना शुरू हुआ। इसके बाद इसने बड़े विवाद का रूप ले लिया। कार्यकर्ताओं की भीड़ के साथ हिन्दूवादी संगठन के नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और 24 घंटे में कार्रवाई की मांग की गई थी। आनन-फानन में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस को जांच के निर्देश दिए।

पुलिस ने जिस ढंग शुरुआत में प्रमाण जुटाए, उसके आधार पर कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने गर्ल स्टूडेंट को 'हिजाब' पहनने के लिए बाध्य करने वाले आरोपों को निराधार करार दिया। एक तरह से स्कूल प्रबंधन को क्लीन चिट दी। इससे हिन्दूवादी नेता और भड़क गए। फिर मामला मुख्यमंत्री-गृहमंत्री तक पहुंच गया।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बिना देर किए कलेक्टर को निर्देश दिए कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए। मयंक अग्रवाल ने इस सिलसिले में एक कमेटी भी गठित कर दी है, जो विभिन्न बिंदुओं पर जांच पूरी कर रिपोर्ट देगी। ये रिपोर्ट सरकार के पास तक पहुंचेगी। फिलहाल सुर्ख़ियों में आए इस स्कूल में 'लव पे आती है, दुआ... ' प्रार्थना पर भी रोक लगा दी गई है।












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