Damoh News: फायर सेफ्टी और अन्य खामियों के चलते सात प्रायवेट अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त
MP के दमोह जिले की सात निजी अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इन अस्पतालों में जिला प्रशासन के निर्देश पर फायर सेफ्टी ऑडिट सहित अन्य खामियों की जांच कराई गई थी। कमियों के बाद इन्हें नोटिस भी थमाए गए थे। कमियां पूरी कर रिपोर्ट सब्मिट नहीं की तो सीएमएचओ ने 7 अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

जबलपुर के न्यू लाइफ सिटी हॉस्पिटल में कुछ समय पहले आग लगने की घटना हुई थी। घटना में 8 मरीजों के जिंदा जलने के बाद मप्र के दमोह जिले में कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की टीम ने निजी अस्पतालों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी ऑडिट व नर्सिंग होम एक्ट के नियमों के तहत व्यवस्थाएं व मानक स्तर पर सुविधाएं देखी थीं। इनमें जिले में 7 अस्पताल के पास एनओसी व फॉयर सिस्टम ही नहीं मिला। इन्हें नोटिस देकर मानक स्तर को पूरा करने, फॉयर सेफ्टी एनओसी प्रस्तुत करने सहित अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए नोटिस दिया था। तय समय के बावजूद भी जब अस्पताल प्रबंधकों ने नियमों का पालन नहीं किया तो इनके लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
अस्पतालों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं
मप्र के दमोह के शहरी इलाके में स्थित सात निजी अस्पतालों के लाइसेंस सीएमएचओ डॉ. संगीता त्रिवेदी ने आदेश जारी कर निरस्त कर दिए हैं। इन अस्पतालों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। आग लगने जैसी घटना से बचाव के लिए शासन के तय नियमों के मुताबिक फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जीवित पंजीयन नहीं मिला, लेबर रुम और ओटी मानक स्तर के नहीं थे, फायर सेफ्टी के इतजाम न होने, नारकोटिक ड्रग लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने और इलेक्ट्रिकल ऑडिट न मिलने के बाद सात अस्पतालोें में ताला डलवा दिया है। इनके लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
इन अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त
सीएमएचओ कार्यालय दमोह से मिली जानकारी अनुसार जिन अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उनमें सिविल र्वाउ नंबर 7 में संचालित राय नर्सिंग होम, डॉ. चंदा जैन नर्सिंग होम, सिविल वार्ड नंबर 4 में संचालित पसारी नर्सिंग होम, एकलव्य विवि में संचालित विजयंत हॉस्पिटल, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में डॉ. पांडे क्लीनिक, मांगज वार्ड नंबर एक में संचालित सिटी हॉस्पिटल और स्टेशन रोड तीन गुल्ली पर संचालित सिटी हॉस्पिटल के नाम शामिल हैं।
ढाई महीने पहले जबलपुर के अस्पताल में लगी थी आग
बता दें कि दमोह में स्वास्थ्य विभाग ने जो कार्रवाई की है, उसके पीछे लंबी जांच कारण बनी हैं। दरअसल बीते 2 अगस्त को जबलपुर के न्यू सिटी लाइफ अस्पताल में आग लग गई थी। इसमें एक ही दरवाजा आने और जाने के लिए था। जिस कारण मरीज बाहर नहीं निकल सके और 8 लोग जिंदा जल गए थे। इसके बाद पूरे प्रदेश में अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया गया था। दमोह में कलेक्टर के निर्देशन में टीम बनाकर स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका व अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने एक-एक अस्पताल को स्कैन किया था। इसमें इन सात अस्पतालों में ढेरों कमियां मिली थीं, जिस कारण इन्हे नोटिस दिया गया था। इन्होंने न तो फायर एनओसी प्रस्तुत की, न अस्पताल की कमियों को सुधारकर रिपोर्ट सबमिट की थी, जिसके बाद सीएमएचओ ने इनके लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।












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