धूप सेंक रहा था तीन टांग वाला मगरमच्छ, मरा समझ सेल्फी खींचने लगे, पानी भी उड़ेला
मप्र के दमोह में जिस व्यारमा नदी में लोग रोज नहाने जाते हैं, वहीं पर 8 फीट से लंबा भारी-भरकम मगमरच्छ घाट पर चट्टानों पर बैठा था। मगरमच्छ में हरकत होते न देख लोग उसके साथ नजदीक जाकर सेल्फी लेने लगे, उस पर पानी डालते नजर आए। दरअसल मगमच्छ के तीन पैर थे, आगे के दाहिने हिस्से का एक पैर आपसी संघर्ष में कटने की आशंका जताई जा रही है। मगरमच्छ निढाल और हरकत विहीन पड़ा था। लोगों ने उसे हल्के में ले लिया और उसके पास पहुंचकर बैठकर सेल्फी तक ले डाली। कई लोग तो उससे महज तीन से चार फीट दूर तक पहुंच गए थे।
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गैसाबाद इलाके में 8 फीट लंबा मगमरच्छ नदी किनारे बैठा था
बुंदेलखंड में बारिश के दौरान से लेकर अब तक जहां-तहां मगरमच्छ निकलने की सूचनाएं सामने आती रही हैं। दमोह जिले के गैसाबाद में बीते रोज नदी में नहा रहे व आसपास मौजूद लोगों के होश फाख्ता हो गए, जब उन्होंने किनारे पर करीब आठ फीट लंबा भारी-भारकम मगरमच्छ को बैठे देखा। कुछ समय के लिए यहां अफरा-तफरी मच गई। मगरमच्छ में घंटोें तक कोई हरकत नहीं हुई तो लोग उसके नजदीक जाकर सेल्फी लेते नजर आए। कुछ लोगों ने उसे भगाने के प्रयास में उस पर पास जाकर पानी भी डाला। शाम तक वनविभाग की टीम रेस्क्यू करने नहीं पहुंची थी। इधर मगरमच्छ के शरीर में अचानक हरकत हुई और वह सरपट नदी के गहराई में समा गया।

वन विभाग की टीम को सूचना दी थी, लेकिन नहीं आई
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में तहसील हटा के गैसाबाद स्थित व्यारमा नदी के किनारे विशालकाय मगरमच्छ को देखा गया। जैसे ही आसपास लोगों को जानकारी लगी इलाके में हड़कंप मच गया। मगरमच्छ को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पडा। मगरमच्छ बिलकुल शांत और बिना हरकत के पड़ा था, इसलिए कुछ लोगों ने उसे मरा समझ लिया तो कुछ का कहना था कि मगरमच्छ के बीमार होने की आशंका है। मगरमच्छ को देखने के बाद वन विभाग की टीम को सूचना दी थी।

नौरादेही अभयारण्य के बीच से गुजरती है व्यारमा नदी, काफी मगरमच्छ मौजूद हैं
व्यारमा नदी वन इलाके से गुजरती है। यह नौरादेही अभयारण्य के अंदर से बहती है, कुछ इलाकों में इसमें दर्जनों की संख्या में मगरमच्छ मौजूद हैं। गैसाबाद के पास जर्राहार के पास नदी किनारे यह मगरमच्छ पिछले कई घंटो से एक ही अवस्था मे नदी किनारे चट्टान पर बैठा था। मगरमच्छ को एक ही स्थान पर बिना किसी हरकत के बैठा देख उसके बीमार होने की आशंका जताई जा रही है, वही ंस्थानीय लोगो ने इसकी सूचना वन विभाग को दी थी। मगरमच्छ द्वारा कोई हरकत न करने से लोग उसपर पानी डालते रहे और नजदीक जाकर वीडियो बनाते रहे थे। वह तो गनीमत रही कि मगरमच्छ से किसी पर हमला नहीं किया। इधर वन विभाग की टीम शाम तक मौके पर मगरमच्छ का रेस्क्यू करने नहीं पहुंची थी।

दमोह जिले में पूर्व में मगरमच्छ निकलते रहे हैं
दमोह जिले में जंगल से सटे इलाकों और नौरादेही अभयारण्य व नदियों के आसपास के गांवों में पूर्व में बड़ी संख्या में मगरमच्छ निकलते रहे हैं। बीते मानसून सीजन में दो जगह मगरमच्छ निकलने के बाद इनका रेस्क्यू किया गया था। एक रेस्क्यू के दौरान तो वनविभाग की लापरवाही से मगरमच्छ को गाड़ी से रास्ते में ही गिर गया और टीम को पता ही नहीं चला। बाद में लोगों ने मगरमच्छ को सड़क किनारे एक प्लाट पर करके टीम को दोबारा बुलाया था। तब कहीं जाकर उसे दोबारा पकड़ा गया और नदी में छोड़ जा सका।












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