धर्मांतरणः युवक को बपतिस्मा दिलाते हुए दमोह के मिशनरी अजय लाल का वीडियो वायरल
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बीते रोज नाबालिग के धर्मांतरण से जुड़ा एमपी के दमोह का एक वीडियो ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर नया विवाद खड़ा कर दिया। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

एनसीपीसीआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो पोस्ट कर एक बार फिर भूचाल ला दिया। वीडियो पोस्ट करते हुए प्रियंक कानूनगो ने दमोह के मिशनरी अजय लाल का हवाला देते हुए लिखा है। वीडियो में अजय लाल एक युवा को पानी में डुबकी दिला कर बपतिस्मा जैसी रस्म कराता दिखाई दे रहा है। जिसमें पीछे यह स्लोगन भी लिखा हुआ है कि जो बपतिस्मा ले उसी का उद्धार होगा।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के द्वारा पोस्ट किए गए। इस वीडियो से धर्मांतरण का जिन्न एक बार फिर बोतल से निकल कर बाहर आ गया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी तल्ख टिप्पणियों के साथ इसे जमकर शेयर किया जा रहा है। बता दें कि करीब चार-पांच महीने पहले आयोग अध्यक्ष और राज्य सदस्यों ने दमोह में औचक निरीक्षण कर मिशनरी के बाल संरक्षण गृहों में धर्मांतरण का खुलासा किया था। इस मामले में अजय लाल पर एफआईआर भी कराई गई थी। वह फरार भी रहा है।
प्रशासन से जांच करने की बात लिखी
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने प्रियंक कानूनगो ने अपने ट्वीट में प्रशासन को वीडियो की जांच करते हुए कार्रवाई करने के बारे में भी लिखा है। जिसमें गुड फ्राइडे के दिन का वीडियो बताते हुए धर्म स्वतंत्र कानून के उल्लंघन का मामला बताते हुए तस्दीक कर जांच करने के बारे में भी लिखा गया है। जबकि प्रियंक कानूनगो के निरीक्षण में अवैध धर्मांतरण की गतिविधियां पाए जाने पर 18 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें दमोह में जमानत की अर्जी लगाते समय मिशनरियों के द्वारा विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। जिसमें जीरो धर्मांतरण की बात कहते हुए जमानत की मांग की गई थी। उसके बाद डुबकी लगवाने का वीडियो सामने आने पर जिले में हड़कंप मच गया है वहीं जिले के समस्त हिंदू संगठन भी जमकर आक्रोश में है। जिसके पीछे का कारण जिले की मिशनरी संस्थाओं पर धर्मांतरण के आरोप लगना है।
पारिवारिक संस्कार का विडियो
अचानक सामने आए इस वीडियो पर प्रशासनिक अधिकारियों ने संज्ञान लेकर जांच की है। जिसमें किसी यूसुफ परिवार के द्वारा जलकरण संस्कार का हवाला देकर धर्मांतरण को सिरे से नकार दिया गया है। पुलिस के अनुसार डुबकी ले रहे युवक का वीडियो 9 अप्रेल ईस्टर के दिन का है। युवक का परिवार 3 पीढ़ियों से क्रिश्चियन धर्म का अनुसरण कर रहा है। प्रशासन युवक के कथनों की बारीकी से जांच कर रहा है।
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विदेश जाने की याचिका पर लंबित है सुनवाई
जिले के मिशनरियों की विवादित गतिविधियों के चलते विदेश यात्राओं पर रोक लगाने को लेकर भी कोर्ट विचार कर रहा है। ज्ञात हो पूर्व में मिशनरी के ही विवेक लाल की कार से अभाना के पास एक मासूम बच्ची को कुचलकर मारने का मामला घटित हुआ था। जिस पर न्यायालय में सुनवाई जारी है। वहीं लाखों रुपए के स्टाम्प शुल्क की चोरी के मामले में अजय लाल व राजकमल डेविड लाल दोनों लाल बंधुओं का नाम सामने आने के बाद ईओडब्ल्यू के द्वारा मामला पंजीबद्ध किया गया था। वहीं एनसीपीसीआर के द्वारा धर्मांतरण व अवैध तरीके से हॉस्टल संचालित करने के मामले में विवेक लाल सहित 10 मिशनरियों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद से आरोपियों के विदेश जाने को लेकर अनुमति के आवेदन प्रस्तुत किये गए हैं। जिन पर कोर्ट ने मामले में अपना फैसला नहीं दिया है। जिसमें सुनवाई लंबित चल रही है।
वीडियो से राहत पिछले मामले विचाराधीन
भले ही वायरल वीडियो में दिख रहे युवक के प्रशासन को जलकरण संस्कार का बयान दिए जाने से अजय लाल को राहत मिल गई हो, लेकिन पूर्व में उस पर दर्ज मामलों की जांच चल रही है। अब पूरा निजाम भी बदल चुका है। जिससे जो पूर्व में एनसीपीसीआर ने नोटिस जारी किए थे अब उनके जवाब भी संतोषजनक बनने से लाल बंधुओं की मुश्किलें फिर से बढ़ने वाली हैं।












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