Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

पुजारी ने मां को मंदिर में दफनाया, प्रशासन ने कब्र खुदाकर कराया अंतिम संस्कार

मंदिर में परिवार सहित रहकर भगवान की सेवा करने वाले एक पुजारी ने अपनी बुजुर्ग मां के निधन के बाद उनके शव को मंदिर परिसर में ही दफना दिया। इतना ही नहीं जहां शव दफनाया वहां ऊपर बाकायदा मां की समाधि मानकर उनकी पूजा-पाठ शुरु कर दी। मंदिर समिति और हिन्दू संगठनों ने इसे मंदिर के पुजारी द्वारा मंदिर परिसर पर कब्जा करने जैसी हरकत बताते हुए विरोध जताया। मामला पहले थाने पहुंचा, पुलिस ने कुछ नहीं किया तो हिन्दू संगठन व समिति के लोग कलेक्टर के पास पहुंच गए।

पुजारी ने मां को मंदिर में दफनाया, प्रशासन ने खुदवाई समाधि

हिन्दू धर्म में संत, महात्मा से लेकर सामान्य व्यक्ति के निधन पर अंतिम संस्कार का विधान हैं, बावजूद इसके मप्र के छतरपुर में प्रसिद्ध मंदिर के एक पुजारी ने अपनी बुजुर्ग मां के निधन के बाद उन्हें मंदिर में ही दफना दिया। इतना ही नहीं जहां मां के शव को दफनाया वहां ऊपर मां की फोटो रखकर पूजा-पाठ शुरु कर दी। जानकारी लगने पर स्थानीय लोगों और मंदिर के श्र्द्धालुओं ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए प्रशासन से शिकायत कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने दबाव डालकर पुजारी से कब्र खुदवाकर शव को पॉलीथिन में पैक कराकर श्मशान घाट भेजकर अंतिम संस्कार कराया है। अब मंदिर परिसर को शुद्ध किया जा रहा है।

पुजारी ने मां को मंदिर में दफनाया, प्रशासन ने खुदवाई समाधि

मंदिर परिसर में पुजारी द्वारा कब्जा करने की नियत से समाधि बनाने के आरोप
बुंदेलखंड के छतरपुर स्थित संतश्री एवं मोटे के महावीर मंदिर में 13 अक्टूबर 2022 को पुजारी कमलेश गुप्ता बब्बा जू की मां भगवती देवी की मृत्यु हो गई थी। पुजारी ने उनका अंतिम संस्कार कराने के बजाए मंदिर में ही एक पक्की हौदी नुमा सीमेंट का करीब 5 फीट गहरा पक्का गड्ढा बनवाया और उसमें मां को दफनाकर समाधि जैसे स्वरुप दे डाला। बता दें कि यही बगल में मंदिर की स्थापना कराने वाले संत जिन्हें संतश्री के महाराज की समाधि मौजूद है, वहीं पुजारी ने मां को दफना दिया। इनता ही नहीं संतों की तरह ही मां समाधि के ऊपर उनकी फोटो रखकर पूजा-पाठ शुरु कर दी। जब लोगों को इसकी जानकारी लगी तो क्षेत्र में लोगों में आक्रोश फैल गया।

mote ke mahaveer mandir

मंदिर समिति व हिन्दू संगठनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी
मंदिर के पुजारी द्वारा मां को मंदिर परिसर में दफनाने व उनकी समाधि बनाने को लेकर सिविल लाइन थाने में 15 अक्टूबर को आवेदन देते हुए हिंदू धर्म एवं मोटे के महावीर समिति के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। लोगों का कहना था कि हिंदू धर्म में किसी भी शरीर को दफनाया नहीं जाता और कमलेश बब्बाजू जो कि मंदिर बनाने के आड़ में अतिक्रमण करके अपना मकान निर्माण कार्य करा रहे हैं और अब समाधि बनाकर पुराण पूजन करके मंदिर के नाम पर यह ढोंग रच रहे हैं।

कलेक्टर ने अधिकारियों को भेजकर शव निकलवाया, अंतिम संस्कार कराया

छतरपुर में गुस्साए हुए हिंदू संगठनों ने इस मामले को छतरपुर कलेक्टर को जानकारी देते हुए उन्हें लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को भेजकर मौके पर निरीक्षण कराय, पूछताछ में कमलेश ने स्वीकिार किया कि उसने मां की समाधि बनाई है। प्रशासन ने दबाव डालकर मंदिर के लोगों से दफन वाली जगह को खुदवाकर शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम कराने भेजा। पीएम के पास शव का मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया गया। लोगों का आरोप है कि मंदिर परिसर में कब्जा करने के लिहाज से यह काम किया जा रहा था, ताकि समाधि के नाम पर वहां परिवार हमेशा के लिए अपना हक जता सके।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+