MP News: भाजपा का ‘सांसद-विधायक अभ्यास वर्ग’ बना प्लास्टिक फ्री और ईको-फ्रेंडली आयोजन का मॉडल
MP News: मध्य प्रदेश की खूबसूरत पहाड़ी नगरी पचमढ़ी इन दिनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'सांसद-विधायक अभ्यास वर्ग' के आयोजन का गवाह बन रही है। 14 से 16 जून 2025 तक चल रहे इस तीन दिवसीय आयोजन में प्रदेश के सांसद, विधायक, मंत्री, और पार्टी संगठन के शीर्ष नेता एकत्र हुए हैं।
यह अभ्यास वर्ग न केवल भाजपा की विचारधारा और रणनीति को मजबूत करने का मंच है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ईको-फ्रेंडली पहल का एक अनूठा उदाहरण भी बन गया है। इस आयोजन को पूरी तरह प्लास्टिक फ्री रखा गया है, और पानी की डिस्पोजेबल बोतलों की जगह तांबे के लोटे और गिलास का उपयोग किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंच परिवर्तन की झलक इस आयोजन की छोटी-छोटी व्यवस्थाओं में साफ दिखाई दे रही है।

प्लास्टिक फ्री आयोजन: तांबे के लोटे-गिलास में पानी
'सांसद-विधायक अभ्यास वर्ग' में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी है। इतने बड़े आयोजन में, जहां मध्य प्रदेश के सभी सांसद, विधायक, मंत्री, और संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, एक भी प्लास्टिक की बोतल या डिस्पोजेबल ग्लास नहीं दिखाई देता। इसके बजाय, पीने के पानी के लिए तांबे की बोतलें, लोटे, और गिलास की व्यवस्था की गई है।
चाहे वह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हों, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा हों, या अन्य वरिष्ठ नेता, सभी तांबे के लोटे और गिलास से पानी पी रहे हैं। यह न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से भी स्वास्थ्यवर्धक माना जा रहा है। तांबे के बर्तनों में पानी पीने से स्वास्थ्य लाभ की बातें भी आयोजकों ने साझा की हैं, जिसे इस आयोजन का एक अनूठा पहलू माना जा रहा है।
जूट की प्रवेशिका: आईडी कार्ड में भी पर्यावरण का ध्यान
आयोजन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को एक प्रवेशिका (आईडी कार्ड) दी गई है, जिस पर उनका नाम, दायित्व, और अन्य जानकारी अंकित है। इस प्रवेशिका को पूरे आयोजन के दौरान गले में पहनना अनिवार्य है। खास बात यह है कि यह प्रवेशिका भी पूरी तरह प्लास्टिक फ्री है। इसे जूट के कपड़े से बनाया गया है, और इसकी डोरी भी जूट की है।
इस छोटी-सी व्यवस्था में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता साफ झलकती है। एक कार्यकर्ता ने बताया, "जूट की प्रवेशिका न केवल पर्यावरण के लिए अच्छी है, बल्कि यह एक स्थानीय और स्वदेशी सामग्री का उपयोग भी दर्शाती है। यह छोटा कदम बड़े बदलाव की शुरुआत है।"
RSS के पंच परिवर्तन की झलक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने पंच परिवर्तन के सिद्धांतों-नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी, पर्यावरण, समरसता, और कुटुंब-पर जोर देता है। पचमढ़ी में चल रहे इस अभ्यास वर्ग में इन सिद्धांतों को व्यवहार में लागू किया गया है। प्लास्टिक फ्री व्यवस्था और तांबे के बर्तनों का उपयोग पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है, जबकि जूट की प्रवेशिका स्वदेशी को बढ़ावा देती है।
आयोजन में शामिल एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "यह हमारी कार्यपद्धति का हिस्सा है। हम न केवल अपनी विचारधारा को मजबूत करने के लिए यहां एकत्र हुए हैं, बल्कि यह भी दिखाना चाहते हैं कि पर्यावरण और स्वदेशी जैसे मूल्यों को हर स्तर पर अपनाया जा सकता है। यह एक संदेश है कि हमें अपने दैनिक जीवन में भी इन सिद्धांतों को लागू करना चाहिए।"
अभ्यास वर्ग का उद्देश्य
पचमढ़ी में आयोजित यह 'सांसद-विधायक अभ्यास वर्ग' भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां पार्टी की विचारधारा, नीतियां, और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा हो रही है। इस आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने नेताओं को संगठन की मजबूती और जनता के बीच सरकार की उपलब्धियों को ले जाने की रणनीति पर जोर दिया।
इसके अलावा, आगामी विधानसभा सत्र और 2026 में नक्सलवाद उन्मूलन के केंद्र सरकार के लक्ष्य पर भी चर्चा हो रही है। आयोजन में कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रचार, सोशल मीडिया रणनीति, और जनसंपर्क बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्लास्टिक फ्री आयोजन का यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा है। पचमढ़ी, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव-विविधता के लिए जाना जाता है, इस तरह के आयोजन के लिए एक आदर्श स्थान है। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया है कि आयोजन स्थल पर कोई कचरा न फैले और सभी व्यवस्थाएं पर्यावरण के अनुकूल हों।
पचमढ़ी के स्थानीय पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता रमेश ठाकुर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "इतने बड़े आयोजन को प्लास्टिक फ्री बनाना एक बड़ा कदम है। यह न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि बड़े संगठन भी छोटी-छोटी चीजों में बदलाव लाकर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।"
सामाजिक और सियासी प्रतिक्रियाएं
इस आयोजन की पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता ने सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी है। X पर कई यूजर्स ने तांबे के लोटे-गिलास और जूट की प्रवेशिका की तस्वीरें साझा करते हुए इसे एक प्रेरणादायक कदम बताया। एक यूजर ने लिखा, "भाजपा का यह अभ्यास वर्ग दिखाता है कि पर्यावरण संरक्षण को हर स्तर पर लागू किया जा सकता है। तांबे के बर्तन और जूट की आईडी कार्ड्स गर्व का विषय हैं।"
हालांकि, विपक्षी कांग्रेस ने इस आयोजन को सियासी स्टंट करार दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा, "यह सब दिखावा है। अगर भाजपा पर्यावरण के प्रति इतनी ही गंभीर है, तो प्रदेश में अवैध खनन और जंगलों की कटाई पर क्यों चुप है?" इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, "हमारी पार्टी विचारधारा और व्यवहार दोनों में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देती है। यह आयोजन इसका जीता-जागता उदाहरण है।"
पचमढ़ी: आदर्श आयोजन स्थल
पचमढ़ी, जिसे 'सतपुड़ा की रानी' के नाम से जाना जाता है, अपनी शांत वादियों और हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान भाजपा के इस अभ्यास वर्ग के लिए एकदम उपयुक्त है, क्योंकि यह न केवल विचार-मंथन के लिए शांत वातावरण प्रदान करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूत करता है। आयोजन स्थल पर जैविक खाद्य पदार्थों और स्थानीय व्यंजनों को प्राथमिकता दी गई है, जो स्वदेशी और कुटुंब के सिद्धांतों को दर्शाता है।
भविष्य की योजनाएं
भाजपा ने इस अभ्यास वर्ग को हर साल आयोजित करने की योजना बनाई है। पार्टी का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को पूरी तरह प्लास्टिक फ्री और ईको-फ्रेंडली बनाया जाएगा। इसके अलावा, पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाएं और प्लास्टिक के उपयोग को कम करें।
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने भी इस आयोजन को समर्थन दिया है। विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "पचमढ़ी में इस तरह के आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देंगे। साथ ही, यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में भी मदद करेगा।"












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