BJP विधायक प्रीतम लोधी का बयान, 'दिग्विजय सिंह के समय ओम पुरी जैसी सड़कें, अब श्रीदेवी जैसी'—विवाद और हकीकत
MP Bhopal News: मध्य प्रदेश की खराब सड़कों का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है, और इस बार वजह है शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का अजीबोगरीब बयान। 28 जुलाई 2025 को भोपाल में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान लोधी ने सड़कों की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, "दिग्विजय सिंह के समय सड़कें ओम पुरी के गालों जैसी थीं-छाले और गड्ढों से भरी, लेकिन अब बीजेपी के शासन में सड़कें श्रीदेवी के गालों जैसी चिकनी हो गई हैं।"
इस बयान ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तंज, हास्य, और आलोचना का तूफान खड़ा हो गया। जनता अब सवाल उठा रही है कि क्या सड़कों की मरम्मत की बजाय विधायक की तुलनाएं विकास का नया पैमाना बन गई हैं? यह खबर मध्य प्रदेश की सड़कों की स्थिति, लोधी के बयान के विवाद, और इसके सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव को विस्तार से उजागर करती है।

बयान का घटनाक्रम: हास्य या असंवेदनशीलता?
28 जुलाई 2025 को भोपाल में विधानसभा सत्र शुरू होने के पहले दिन प्रीतम लोधी ओला कैब से सदन पहुंचे। भोपाल की सड़कों पर गड्ढों और जलभराव के कारण उनकी यात्रा मुश्किल रही। जब पत्रकारों ने उनसे मध्य प्रदेश की खराब सड़कों के बारे में सवाल किया, तो लोधी ने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया, "दिग्विजय सिंह के समय सड़कें ओम पुरी के गालों जैसी थीं-छाले और गड्ढों से भरी। अब बीजेपी के राज में सड़कें श्रीदेवी के गालों जैसी चिकनी हो गई हैं।" उन्होंने मजाक में यह भी जोड़ा कि मानसून में सड़कें "वाटर पार्क" बन जाती हैं, और इसके लिए "इंद्र से समझौता करना होगा।"
मध्य प्रदेश की सड़कों का हाल: दर्दनाक हकीकत
लोधी का बयान उस समय आया है, जब मध्य प्रदेश की सड़कें गड्ढों, जलभराव, और खराब रखरखाव के कारण बदनाम हैं। कुछ प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:
शहरी क्षेत्रों में स्थिति: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में मानसून के दौरान सड़कों पर गड्ढे और जलभराव आम है। भोपाल के मिनाल रेसीडेंसी में 15 जुलाई 2025 को एक सड़क धंसने की घटना ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया। इसी तरह, इंदौर के एमजी रोड पर जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
ग्रामीण सड़कों का बुरा हाल: शिवपुरी, गुना, छतरपुर, और अशोकनगर जैसे जिलों में ग्रामीण सड़कें बारिश में कीचड़मय हो जाती हैं। कई गांवों में एम्बुलेंस और स्कूल बसें तक नहीं पहुंच पातीं। उदाहरण के लिए, पिछोर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में सड़कें इतनी खराब हैं कि मरीजों को चारपाई पर अस्पताल ले जाना पड़ता है।
आंकड़े: मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के अनुसार, प्रदेश में PWD द्वारा संचालित 1,400 किमी सड़कों में से 35% से अधिक सड़कें खराब स्थिति में हैं। 2024-25 में सड़क मरम्मत के लिए आवंटित 2,500 करोड़ रुपये में से केवल 60% ही खर्च हुआ।
हादसों में वृद्धि: खराब सड़कों के कारण 2024 में मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में 10% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें 4,000 से अधिक लोग घायल हुए और 1,200 से अधिक की मौत हुई (NCRB डेटा, 2024)।
नालियों की सफाई में लापरवाही: मानसून से पहले नालियों की सफाई न होने से जलभराव की समस्या बढ़ जाती है, जिसके कारण सड़कें और खराब हो जाती हैं।
कांग्रेस का तीखा हमला, 'स्त्री-विरोधी' और 'असंवेदनशील' बयान
लोधी के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस की महिला विंग की अध्यक्ष वीभा पटेल ने इसे 'स्त्री-विरोधी' और 'अशोभनीय' करार दिया। उन्होंने कहा, "प्रीतम लोधी का बयान न केवल एक दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी का अपमान है, बल्कि यह बीजेपी की महिलाओं के प्रति असंवेदनशील मानसिकता को दर्शाता है। सड़कों की हालत सुधारने की बजाय विधायक ऐसी तुलनाएं कर रहे हैं।" पटेल ने लोधी से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो कांग्रेस विधानसभा में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर लिखा, "बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का बयान शर्मनाक है। मध्य प्रदेश की सड़कें गड्ढों से भरी हैं, लोग जान गंवा रहे हैं, और विधायक श्रीदेवी-ओम पुरी की तुलना कर रहे हैं। यह जनता के साथ मजाक है।" कांग्रेस ने इस बयान को बीजेपी की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया और विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की घोषणा की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "लोधी का बयान बीजेपी की हताशा दिखाता है। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि एम्बुलेंस तक नहीं चल पाती, और बीजेपी के विधायक हास्य का सहारा ले रहे हैं। जनता जवाब मांग रही है।"
बीजेपी का बचाव: 'बयान व्यक्तिगत, सड़कें सुधर रही हैं'
बीजेपी ने लोधी के बयान से दूरी बनाते हुए इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताया। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, "प्रीतम लोधी का बयान उनकी निजी राय है, और पार्टी इसका समर्थन नहीं करती। बीजेपी सरकार ने सड़क विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। 2018 से अब तक 12,000 किमी नई सड़कें बनी हैं, और 6,000 किमी सड़कों की मरम्मत हुई है।"
PWD मंत्री राकेश सिंह ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "हमने भोपाल और इंदौर में फ्लाईओवर और रिंग रोड प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। ग्रामीण सड़कों के लिए पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।" हालांकि, विपक्ष ने इन दावों को खोखला बताया और कहा कि जमीनी हकीकत कुछ और है।
प्रीतम लोधी: विवादों का पुराना रिकॉर्ड
प्रीतम लोधी, जो 2023 में पहली बार शिवपुरी की पिछोर सीट से विधायक बने, पहले भी विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं:
2022 में ब्राह्मण विरोधी टिप्पणी: 17 अगस्त 2022 को लोधी ने शिवपुरी के खरैह गांव में कथावाचकों और पंडितों पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। बाद में माफी मांगने पर उन्हें 2023 में फिर से शामिल किया गया।
OBC-दलित गठजोड़: निष्कासन के बाद लोधी ने OBC और दलित समुदायों को एकजुट करने की कोशिश की और भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात की थी। उनकी यह रणनीति 2023 के चुनाव में काम आई, और वे कांग्रेस के केपी सिंह 'कक्काजू' को हराने में सफल रहे।
2023 चुनाव में जीत: लोधी ने पिछोर सीट पर OBC, दलित, और आदिवासी मतदाताओं के समर्थन से जीत हासिल की।
लोधी की छवि एक 'बयानबाज' नेता के रूप में बन रही है, जो बीजेपी के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकता है, खासकर जब पार्टी 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में है।
मध्य प्रदेश की सड़कों की जमीनी हकीकत
भोपाल: मिनाल रेसीडेंसी, कोलार रोड, और होशंगाबाद रोड पर गड्ढों और जलभराव की शिकायतें आम हैं। 15 जुलाई 2025 को मिनाल में सड़क धंसने से एक कार फंस गई थी।
शिवपुरी: लोधी के अपने विधानसभा क्षेत्र पिछोर में ग्रामीण सड़कें बारिश में कीचड़मय हो जाती हैं। ग्रामीणों ने शिकायत की कि एम्बुलेंस और स्कूल बसें गांवों तक नहीं पहुंच पातीं।
छतरपुर और अशोकनगर: इन जिलों में सड़कों की मरम्मत वर्षों से नहीं हुई, जिसके कारण हादसों की संख्या बढ़ी है।
मानसून की मार: बारिश के कारण नालियों की सफाई न होने से सड़कें तालाब बन जाती हैं। भोपाल में 2025 के मानसून में 200 से अधिक जलभराव की शिकायतें दर्ज हुईं।
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के एक अधिकारी ने बताया, "मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत और नालियों की सफाई का काम केवल 60% ही पूरा हुआ। बजट की कमी और ठेकेदारों की लापरवाही इसका कारण है।"
अन्य नेताओं के समान बयान
लोधी का बयान दिल्ली के बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी के हालिया बयान की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने दिल्ली की सड़कों को "प्रियंका गांधी के गालों जैसा चिकना" करने का दावा किया था। उस बयान की भी विपक्ष ने तीखी आलोचना की थी, और बिधूड़ी को माफी मांगनी पड़ी थी। इन बयानों से यह सवाल उठता है कि क्या राजनेता गंभीर मुद्दों को हल्के में लेने के लिए ऐसी तुलनाओं का सहारा ले रहे हैं?
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता: श्रीदेवी जैसी तुलना को विपक्ष ने 'स्त्री-विरोधी' करार दिया है। यह बीजेपी के लिए 2028 के विधानसभा चुनाव में नुकसानदेह हो सकता है, खासकर जब महिला मतदाता एक बड़ा वोट बैंक हैं।
विपक्ष को मौका: कांग्रेस ने इस बयान को बीजेपी की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया। विधानसभा सत्र में यह मुद्दा हंगामे का कारण बन सकता है।
बीजेपी की छवि: लोधी जैसे बयानों से बीजेपी की छवि पर असर पड़ सकता है, खासकर OBC और दलित समुदायों में, जहां लोधी का प्रभाव है।
जनता का गुस्सा: जनता सड़कों की खराब स्थिति से पहले ही नाराज है। लोधी का मजाकिया बयान इस गुस्से को और भड़का सकता है।
विशेषज्ञों की राय और सुझाव
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अनिल शर्मा ने कहा, "लोधी का बयान बीजेपी के लिए आत्मघाती हो सकता है। सड़कें एक गंभीर मुद्दा हैं, और ऐसी तुलनाएं जनता का ध्यान मूल समस्या से भटकाती हैं। बीजेपी को अपने नेताओं को जेंडर-सेंसिटिव और जिम्मेदार बयानबाजी की ट्रेनिंग देनी चाहिए।"
सामाजिक कार्यकर्ता रीना शर्मा ने कहा, "सड़कों की मरम्मत के लिए ठोस नीतियां और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। मजाक करने से समस्या हल नहीं होगी। सरकार को PWD और MPRDC को जवाबदेह बनाना चाहिए।"












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