टिकट नहीं मिलने के बाद BJP नेता केपी यादव का झलका दर्द, बोले- पार्टी बेस्ट को चुनती है, मुझमें कोई कमी रही हो
Guna Shivpuri Lok Sabha Seat: लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की हॉट सीट गुना-शिवपुरी को लेकर लगातार सियासत में चर्चाओं का दौर जारी है। दरअसल, इस सीट पर भाजपा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंह को उम्मीदवार बनाया है जबकि उसने मौजूदा संसद केपी यादव का टिकट काटा है। इसके बाद से यह सवाल खड़ा हो रहा था कि आखिर भाजपा ने केपी यादव का टिकट क्यों काटा?
दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में गुना लोकसभा क्षेत्र से तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को केपी यादव ने गुना- शिवपुरी लोकसभा सीट से चुनाव हरा दिया था। लेकिन अब सिंधिया भाजपा से राज्यसभा सांसद है और मोदी सरकार भी मंत्री भी हैं।

बता दे सिंधिया जब अपने समर्थक विधायक को के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तब से ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्रियों और संसद के पी यादव के समर्थकों के बीच शीत युद्ध चल रहा था इस दौरान कई बार भाजपा हाई कमान ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश देने का काम भी किया।
अशोक नगर पहुंचे केपी यादव से जब मीडिया ने सवाल किया कि विकास चुनाव में अपने मंत्री सिंधिया को इसी सीट से हराया था। लेकिन पार्टी ने आपका टिकट काटकर सिंधिया को दिया है। इस सवाल का जवाब देते हुए केपी यादव ने कहा कि शीर्ष नेता का निर्णय रहता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। जब पार्टी में प्रत्याशी का चयन होता है तो वहां सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति को ही चुनते हैं, हो सकता है ज्योतिरादित्य सिंधिया जी का प्रदर्शन मुझसे बेहतर रहा है।
भाजपा अब आपको क्या जिम्मेदारी देगी
केपी यादव ने कहा कि हो सकता है पार्टी ने मेरे लिए कोई दूसरा दायित्व सोच रखा हो। वैसे हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं जो पार्टी आदेश करेगी उसका पालन करेंगे। कार्यकर्ता के रूप में काम करना ही सबसे बड़ा दायित्व होता है। कांग्रेस में जाने के सवाल पर कहा कि ना विपक्ष के नेताओं से बात हुई है ना ही मैं संपर्क में हूं मीडिया के माध्यम से ही मुझे पता चला कि मेरी नाम की चर्चा हो रही है। फिलहाल में भाजपा की जीत के लिए प्रचार में जुटा हुआ हूं मैं चाहता हूं भाजपा इस लोकसभा क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा वोटों से जीते।












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