MP News: CM हेल्पलाइन से शिकायत वापस नहीं लेने पर गरीब परिवार का बिजली कनेक्शन काटा, मंडीदीप का मामला
Bhopal MP News: राजधानी भोपाल के निकट स्थित औद्योगिक नगरी मंडीदीप में एक गरीब परिवार के साथ बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। जहां, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने पर बिजली विभाग के अफसरों ने एक गरीब परिवार का बिजली कनेक्शन काट दिया।
यह मामला सरकारी अफसरों की मनमानी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, जिसे लेकर पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री कार्यालय से न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित परिवार का आरोप
मंडीदीप के रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिकायत में बताया कि वह और उनका परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करता है। मोतीलाल ने बताया कि उनका परिवार मंडीदीप के वार्ड क्रमांक 6 के काछी मोहल्ले में रहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें एक बत्ती कनेक्शन दिया गया था, जो उनके घर की जरूरतों के लिए एकमात्र स्रोत था।
लेकिन, बिजली विभाग के अधिकारियों ने उन्हें तंग करने के लिए गलत तरीके से उनका चालान बना दिया। उनके ऊपर ₹9436 का झूठा चालान लगाया गया और गलत मामला दर्ज कर दिया गया। मोतीलाल ने आरोप लगाया कि यह चालान पूरी तरह से गलत था, क्योंकि वह और उनका परिवार टाइम से बिजली बिल जमा कर रहे, जबरन बिजली चोरी का चालान बनाया गया। बिजलेन्स टीम का नाम लेकर कुछ अधिकारी और कर्मचारी गरीब लोगों को परेशान कर रहे है। पहले चोरी का आरोप लगाकर चालान काट देते है फिर फोन लगाकार सेटलमेंट करने के लिए कहते है।
सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत, फिर हुआ उत्पीड़न
प्रारंभ में, मोतीलाल ने बिजली विभाग के अधिकारियों से अपनी शिकायत की, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की। इस पर बिजली विभाग के अफसरों ने उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाना शुरू किया। मोतीलाल के मुताबिक, अधिकारियों ने धमकी दी कि अगर उन्होंने शिकायत वापस नहीं ली, तो उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।
उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई न होते हुए, उल्टा अधिकारी उनकी परेशानियों का कारण बने और आखिरकार उनका बिजली कनेक्शन काट दिया गया। यह कदम तब उठाया गया जब मोतीलाल ने शिकायत वापस नहीं ली।
बच्चों की पढ़ाई पर असर
यह कनेक्शन काटे जाने का सबसे गंभीर असर उनके बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। मोतीलाल के बच्चों की बोर्ड परीक्षा नजदीक है, और घर में बिजली न होने के कारण बच्चों को पढ़ाई में भारी कठिनाई हो रही है। पीड़ित परिवार ने यह आरोप लगाया कि उनका कनेक्शन काटने से न केवल उनका जीवन दुष्कर हो गया, बल्कि बच्चों की परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।
मोतीलाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर न्याय की अपील की है। उनका कहना है कि बिजली कनेक्शन उनके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह उनके बच्चों की शिक्षा की सफलता के लिए भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत
मंडीदीप के इस मामले में मोतीलाल कुशवाहा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्रवाई को पूरी तरह से अनुचित और अवैध बताया है। उन्होंने कहा है कि विभाग का यह कदम न केवल उनके परिवार को परेशान करने वाला है, बल्कि यह उनके अधिकारों का उल्लंघन भी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है और आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई यह कार्रवाई किसी गरीब परिवार को सजा देने जैसी है। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।
न्याय की उम्मीद
इस घटना ने प्रशासनिक प्रक्रिया और बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। क्या अधिकारियों को अपनी शक्ति का इस तरह से दुरुपयोग करने का अधिकार है? क्या गरीब परिवारों के साथ ऐसे बर्ताव किया जाना चाहिए? इन सवालों का जवाब अब पीड़ित परिवार और स्थानीय प्रशासन से अपेक्षित है।












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