Betul News: मरीज बनकर जिला अस्पताल पहुंचे डीएम, लोगों की शिकायत पर रात 3:00 बजे मारा छापा
Betul News: बैतूल जिले में सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को जिला अस्पताल में इलाज न मिलने की शिकायत जैसे ही फ़ोन पर कलेक्टर को मिली तो वे तड़के रात 3 बजे ही अस्पताल पहुँच गए।
दरअसल जब घायलों का उपचार नहीं हुआ तो परिजनों ने आधी रात को सीधा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को फ़ोन पर इस बात की शिकायत कर दी और कलेक्टर उतनी ही रात में जिला अस्पताल पहुंचे और नाराजगी जताते हुए स्टाफ को फटकार लगा दी। साथ ही घायल मरीज का उपचार भी करवाया।

दरअसल मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के अंतर्गत आने वाले प्रभात पट्टन के एक गांव सावरी में सड़क दुर्घटना में दुर्गेश धुर्वे नाम का युवक घायल हो गया था। जिसे पहले तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभात पट्टन ले जाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण रात में ही जिला अस्पताल रेफेर कर दिया गया। रात में ही परिजन घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
जब घायल जिला अस्पताल पहुंचा तो उसे वहां पलंग तक मुहैया नहीं हुआ और उसे जमीन पर लेटा दिया गया और जब घायल का इलाज शुरू नहीं हुआ और न ही उसका सिटी स्कैन हुआ तो परिजनों द्वारा रात ढाई बजे ही बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को फोन पर शिकायत कर दी। जैसे ही कलेक्टर को इस बात की शिकायत मिली तो वे जिला अस्पताल पहुंचे।
रात 3 बजे जब कलेक्टर जिला अस्पताल पहुंचे तो देखा कि घायल जमीन पर पड़ा है तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की और स्टाफ को फटकार लगाई तत्काल डॉक्टर बुलाया। इसके साथ ही सिविल सर्जन और सीएमएचओ को भी बुलाया। घायल का तत्काल सीटी स्कैन कराया गया और उसका इलाज शुरू कराया गया उसे पलंग भी दिलाया गया।कलेक्टर इस मामले को काफी गंभीर माना है और टेक्नीशियन के साथ ही स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ले जानकारी दी कि शिकायत मिली थी कि मरीज का इलाज नहीं हो रहा है। जब आकर देखा तो मरीज जमीन पर पड़ा था जो काफी आपत्तिजनक है। सीटी स्कैन में भी समस्या थी जिसके लिए टेक्नीशियन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्टाफ नर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी मरीज का इलाज शुरू हो गया है।
घायल के परिजन दिनेश का कहना है कि एक्सीडेंट होने पर मरीज को जिला अस्पताल लेकर आए थे। जहां इलाज नहीं हो रहा था और सीटी स्कैन के लिए आधार कार्ड मांगा गया था आधार कार्ड नहीं था तो पैसे मांगे गए जिसकी शिकायत कलेक्टर को रात में ही की थी और कलेक्टर तत्काल जिला अस्पताल आ गए इसके बाद इलाज शुरू हो गया।












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