MP में भी 'Two Finger Test' पर बैन, पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को जारी किया फरमान
मध्य प्रदेश में अब दुष्कर्म पीड़िता का 'टू फिंगर टेस्ट' नहीं होगा। इस सिलसिले में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश जारी कर दिए हैं।

Ban on 'Two Finger Test' in MP: 'टू फिंगर टेस्ट' पर काफी बवाल मचने के बाद अब मध्य प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन होगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय से जारी निर्देश के बाद यहां भी दुष्कर्म पीड़िता के इस टेस्ट पर रोक लगा दी गई हैं। इस सिलसिले में पुलिस मुख्यालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल 'टू फिंगर टेस्ट' को लेकर पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे। अदालत ने इस टेस्ट को निजता का हनन करार दिया था। इस मुद्दे पर सियासत भी गरमाई थी। पक्ष-विपक्ष की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चलता रहा।
अब मध्य प्रदेश में भी स्पष्ट कर दिया गया है कि टू फिंगर टेस्ट न किया जाए। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि कार्यशाला के माध्यम से जिले के टीआई और डॉक्टर को निर्देशों के बारे में अवगत कराया जाए।

दरअसल, देश के कानून व्यवस्था में रेप केस पुष्टि के लिए पीड़िता का टू फिंगर टेस्ट कराया जाता है। इस टेस्ट को बलात्कार और यौन हमले की पीड़िताओं पर किया जाता है। जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा कि इस तरह का टेस्ट पीड़िता को दोबारा यातना देने जैसा है। वहीं अदालत ने टू फिंगर टेस्ट कराने की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि यह पितृसत्तात्मक सोच का नतीजा है। ऐसा कराने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
शीर्ष अदालत की बेंच ने कहा था "इस अदालत ने बलात्कार या यौन उत्पीड़न के मामलों में दो अंगुलियों के परीक्षण (टू-फिंगर टेस्ट) के इस्तेमाल को बार-बार खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है इस टेस्ट के आधार पर रेप की पुष्टि होने या न होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। जांच करने का एक आक्रामक तरीका है। अपने फैसले में जस्टिस चंद्रचूड़ के आर्डर में इस बात का भी जिक्र है कि "इस टेस्ट की बजाय महिलाओं को फिर से पीड़ित और दोबारा पीड़ित करता है। टू-फिंगर टेस्ट नहीं किया जाना चाहिए।
-
MP News: क्या अब मिलेगा संविदा कर्मचारियों को पूरा हक? सरकार सख्त—ग्रेच्युटी, अनुकम्पा नियुक्ति पर मांगा जवाब -
क्या आपने देखा पण्डोखर धाम का ये अनोखा फैसला? 2–22 अप्रैल मेले में सब कुछ FREE, जानिए कैसे मिलेगा फायदा -
Madhya Pradesh: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ सिंधिया का फ्री मेगा मेडिकल कैंप, गांवों में फ्री इलाज -
KBC वाली तहसीलदार गिरफ्तार, कहां और कैसे किया 2.5 करोड़ का घोटाला? अब खाएंगी जेल की हवा












Click it and Unblock the Notifications