निगम चुनाव: महापौर के बाद निगमाध्यक्ष की प्री-प्लानिंग, मंत्री, उनके चहेते पार्षद फिर होंगे आमने-सामने
सागर, 19 जून। मप्र में निकाय चुनाव के दौरान चुनावी तिकडम खूब लगाई जा रही है। मंत्री, नेता और उनके वरदहस्त आगामी भविष्य को लेकर बिसात बिछाने में जुटे हैं। सागर नगर निगम चुनाव के दौरान पार्षद प्रत्याशियों के बीच भाजपा ने कुछ ऐसे चेहरों पर दांव लगाया है, जिनको चुनाव के बाद निगम अध्यक्ष का ताज पहनाया जा सके। इसमें प्रदेश के कद्दावर मंत्री भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव और गोविंद राजपूत गुट के पार्षद प्रत्याशी और पूर्व पार्षद शामिल हैं।

नगर निगम में महापौर के बाद परिषद अध्यक्ष का पद सबसे महत्वपूर्ण व पॉवर फुल होता है। यह संवैधानिक पद होता है। इस पद को पाने के लिए भाजपा की तरफ से चुनाव मैदान में उतरे कुछ पार्षद और उनके नेता प्लानिंग में जुट गए हैं। सबसे पहला नाम पूर्व निगमाध्यक्ष विनोद तिवारी का है। वे अलग-अलग वार्डों से चुनाव जीतकर निगम में पार्षद बन चुके हैं, वे एक कार्यकाल में निगमाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव का खास माना जाता हैं। इसी ग्रुप से इस दफा दूसरा नाम शैलेष केशरवानी का सामने आया है। पार्टी प्रकोष्ठों में प्रदेश संयोजक व जिला कमेटियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे केशरवानी को बगैर मांगे तिलकगंज वार्ड से टिकट दिया गया है। वे जीतकर आते हैं तो निगम अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार होंगे।
भूपेंद्र और गोविंद गुट से भी दावेदार हैं
इसी तरह भूपेंद्र सिंह के कोटे से जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह को टिकट दिया गया है। वे इतवारी वार्ड से पार्षद का चुनाव लड रहे हैं। चुनावी तिकडम में उनका नाम भी निगम अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है। मंत्री भूपेंद्र सिंह लक्ष्मण को निगमाध्यक्ष का ताज पहनाने के लिए पूरा जोर लगाने में कोई कोर-कसर नहीं छोडेंगे। इसके अलावा राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत ने भी अपने खास माने जाने वाले जयकुमार सोनी को चकराघाट वार्ड से टिकट दिलाया है। राजपूत कैंप से इनकी दावेदारी भी निगमाध्यक्ष के लिए रहेगी। बता दें कि पिछली परिषद में जयकुमार को विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तरफ से निगमाध्यक्ष का चुनाव लडाया गया था, हालांकि वे अल्पमत के कारण हार गए थे।












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