कानपुर रेल हादसा: 'पापा, अगर मैं मर गया तो आप क्या करोगे'
नौ साल के श्रेयांस को अपनी मौत का पूर्वाभास हो गया था। उसने एक सप्ताह पहले ही पिता को राज की बात बताई थी।
भोपाल। श्रेयांस शर्मा ने हाल में ही अपना नौवां जन्मदिन मनाया था और वह उसका आखिरी जन्मदिन साबित हुआ। पिछले सप्ताह उसने अपने पापा से पूछा था, 'पापा, अगर मैं मर गया तो आप क्या करोगे।' इंदौर-पटना ट्रेन हादसे में श्रेयांस की मौत हो गई।

अपने पिता को बताया था एक राज
कानपुर में हुए भीषण ट्रेन हादसे में श्रेयांस के पिता अरुण, मां नुपुर शर्मा और बड़े भाई दिव्यांश की जान बच गई।
अपने बेटे को खो चुके अरुण ने बताया, 'एक सप्ताह पहले मैं श्रेयांस को स्कूल से लेकर लौट रहा था। उसने अचानक मुझसे कहा कि पापा अगर मैं मर गया तो आप क्या करोगे? उस दिन उसने मुझे अपनी जिंदगी का एक राज बताया और मुझसे वादा लिया कि मैं किसी के साथ उसे शेयर नहीं करुंगा। अब मुझे लग रहा है कि उसको इस घटना का पूर्वाभास हो गया था। मैं उससे कहना चाहता हूं कि मैं हमेशा उससे किया हुआ वादा निभाऊंगा।'
आखिरी बार अपने बच्चे को गोद में नहीं ले सके
भोपाल के गोपालनगर में अरुण अपने बिस्तर पर लेटे हैं। उनकी बांह में फ्रैक्चर है, नाक व चेहरे पर जख्म हैं। श्रेयांस को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय उनको वो बाहों में नहीं भर सके। अरुण और नुपुर का रो-रोकर बुरा हाल है। नुपुर अपना शरीर हिला नहीं सकती, उनके पैर में फ्रैक्चर है।
'मैं तुम्हारे पास जल्दी आऊंगी, बेटे'
बेटे की मौत से नुपुर टूट गई हैं। वह रोते हुए कह रही हैं, 'बेटे, जल्दी मैं तुम्हारे पास आऊंगी। मुझे तुम्हारी देखभाल करनी है। तुम अकेले नहीं जा सकते। तुमको स्कूल जाना है, एनुअल फंक्शन के लिए डांस की प्रैक्टिस करनी है। तुमको स्कूल जाने में इतनी देरी क्यों हो रही है? मैं कबसे तुम्हारा इंतजार कर रही हूं।'

एक शादी अटेंड करने जा रहे थे पटना
अरुण अपनी पत्नी नुपुर और दोनों बेटों के साथ शादी अटेंड करने के लिए पटना जा रहे थे। शनिवार की शाम 6.30 बजे उन्होंने ट्रेन पकड़ी थी। अरुण ने कहा, 'रात में हल्का खाना खाने के बाद मेरे दोनों बेटे गहरी नींद में सो गए और श्रेयांस तो हमेशा के लिए सो गया। उसके बाद वह कभी नहीं जागा।'












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