Madhya Pradesh: कूनो में एक और चीते 'सूरज' की मौत, अब तक 8 ने गंवाई जान
कूनो में चीतों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक और चीते की मौत की खबर सामने आई। कूनो प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है। साथ ही उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक नामीबिया से लाए गए चीते सूरज की शुक्रवार को मौत हो गई। उसकी मौत का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। ये कूनो में एक साल के अंदर आठवें चीते की मौत है, ऐसे में पूरे प्रोजेक्ट पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सूरज शुक्रवार सुबह इनक्लोजर के बाहर लेटा हुआ था। जब काफी देर तक उसने मूवमेंट नहीं की, तो पार्क के कर्मचारी उसके पास पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि उसकी मौत हो गई है। आनन-फानन में उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
तीन दिन में दूसरी घटना
अभी मंगलवार को कूनो में तेजस नाम के चीते की मौत हुई थी। कूनो प्रशासन के मुताबिक मॉनिटरिंग टीम को चीता घायल अवस्था में मिला था। उसके गले में चोट के निशान थे। आनन-फानन में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। ऐसे में तीन दिन में दो चीतों की मौत से अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। हालांकि बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके अंगों में इंफेक्शन था।
अब कितने चीते बचे?
पिछले साल पीएम मोदी के जन्मदिन पर नामीबिया से 8 चीते लाए गए थे। इसके बाद साउथ अफ्रीका से 12 चीते आए। जिससे कूनो में चीतो की संख्या 20 पहुंच गई थी। फिर एक मादा चीता ने चार शावकों जन्म दिया। ऐसे में उनकी संख्या 24 हो गई। अब तक कुल 8 की मौत हुई है, इसमें तीन शावक शामिल हैं। ऐसे में कूनो में बचे हुए चीतों की संख्या 16 है।
मार्च से मई तक हुई थी तीन की मौत
सबसे पहले 27 मार्च को साशा नाम की मादा चीता ने दम तोड़ा। उसको किडनी की बीमारी थी। इसके बाद नर चीता उदय की अप्रैल में मौत हुई। उसको हार्टअटैक आया था। वहीं मई में एक मादा चीता की मौत हुई थी। वो नर के साथ झड़प में घायल हुई थी।












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