Shivpuri news: तांत्रिक ने की तंत्र क्रिया और जमीन से निकल आया खजाना
शिवपुरी में जमीन की खुदाई में निकला सोने से भरा कलश, कलश में निकले सोने के बिस्किट और सिक्के, सुनार से जांच कराने पर नकली निकला खजाना, ठगी का शिकार हुए युवक ने की पुलिस मे शिकायत
Shivpuri में एक तांत्रिक ने तंत्र क्रिया की और इसके बाद 4 लोगों ने जमीन की खुदाई की। जमीन के नीचे से एक कलश निकला जिसमें सोने के बिस्किट और सोने के सिक्के थे। खजाने का बंटवारा भी हो गया लेकिन फिर तांत्रिक ने कहा कि वह अपना हिस्सा सिर्फ ढाई लाख रुपए में बेचने के लिए तैयार है। तांत्रिक की यह बात सुनकर बाकी हिस्सेदारों के कान खड़े हो गए और फिर जो कुछ सामने आया वह चौंकाने वाला था।

90 साल के तांत्रिक ने पिछोर के बाबूलाल को दिया खजाने का लालच
90 साल के बुजुर्ग तांत्रिक प्रीतम परिहार ने शिवपुरी के गूगरी गांव के रहने वाले बाबूलाल लोधी को यह बताया कि उसे ऐसी सिद्धि प्राप्त है जिससे वह यह पता लगा लेता है कि जमीन में खजाना कहां पर छुपा हुआ है और सिद्धी की दम पर वह जमीन से खजाना बाहर निकालने का काम कर सकता है। यह बात जब बाबूलाल लोधी ने प्रीतम के मुंह से सुनी तो उसे प्रीतम की बात पर विश्वास हो गया।

बाबूलाल से तांत्रिक ने गूगरी गांव में खजाना होने की कही बात
बाबूलाल को प्रीतम ने बताया कि उसके गांव में गढ़े हुए खजाने को वह खोज सकता है। अगर गूगरी गांव मे कोई खजाना है तो वह उसे खोज सकता है। तब बाबूलाल ने बताया गांव के ठाकुर बाबा मंदिर के चबूतरे के पास खजाना होने की बात लोग बताते हैं इसलिए वहां खजाना हो सकता है।

प्रीतम ने पूजा पाठ करने के नाम पर ले लिए ₹50000
प्रीतम ने बाबूलाल को लालच दिया कि वह खजाना निकलवा देगा लेकिन पूजा-पाठ में खर्चा होगा। प्रीतम ने बताया कि ₹50000 पूजा-पाठ का खर्चा आएगा। यह सुनकर बाबूलाल ने प्रीतम को ₹50000 दे दिए और फिर खजाना खोजने का दिन तय कर लिया गया।

योजना के अनुसार प्रीतम पहुंच गया गूगरी गांव
प्रीतम की बाबूलाल के साथ हुई बातचीत के हिसाब से प्रीतम तय समय पर गूगरी गांव पहुंच गया। यहां बाबूलाल ने अपने तीन अन्य साथियों को भी बुला लिया। प्रीतम ने ठाकुर बाबा के स्थान पर पहुंचकर पूरे दिन पूजा की और आधी रात के वक्त तक प्रीतम पूजा करता रहा। आधी रात के बाद प्रीतम ने बाबूलाल से कहा कि अब जमीन की खुदाई शुरू करेे जमीन के नीचे खजाना निकलेगा।

जमीन की खुदाई करने पर निकला सोने से भरा कलश
जब बाबूलाल और उसके साथियों ने जमीन की खुदाई की तो जमीन के नीचे से सोने से भरा कलश निकला। कलश देखकर वे समझ गए कि उन्हें खजाना मिल गया है। इसके बाद प्रीतम और बाबू के बीच खजाना आधा-आधा बांट दिया गया लेकिन प्रीतम ने बाबू से कहा कि वह अपने हिस्से का खजाना उसे देने तैयार है लेकिन वह इसके बदले उसे ढाई लाख रुपए दे दे।

ढाई लाख रुपए की बात सुनकर बाबूलाल को हुआ संदेह
प्रीतम ने आधे खजाने के बदले ढाई लाख रुपए की बात की तो बाबू लाल को प्रीतम पर संदेह हुआ और बाबूलाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रीतम को पकड़ लिया। इसके बाद सुनार पर जाकर कलश में मिले हुए सिक्के और बिस्किट की जांच कराई गई तो वे पीतल के निकले। बाबूलाल समझ गया कि प्रीतम ने उसके साथ ठगी की है। इसके बाद बाबूलाल ने पिछोर थाने पहुंचकर प्रीतम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।

खुदाई से पहले प्रीतम ने छुपा दिया था कलश
पूछताछ में प्रीतम ने बताया कि खुदाई करने से पहले उसने खुदाई वाले स्थान पर कलश छुपा दिया था और इसके बाद वहां पर पूजा पाठ शुरू कर दिया था। खुदाई के दौरान जब कलश निकला तो बाबूलाल को विश्वास हो गया कि असली खजाना है। ऐसा करके उसने बाबूलाल के साथ ठगी करने का प्रयास किया था लेकिन वह सफल नहीं हो सका।












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