UPTET 2021: पेपर लीक मामले में 23 गिरफ्तार, STF को सौंपी गई जांच
लखनऊ, 28 नवंबर: यूपी टीईटी परीक्षा के पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया है। दोनों पालियों की परीक्षा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। इस मामले में पुलिस ने प्रदेश के अलग अलग इलाकों से 23 लोगों की गिरफ्तारी की है। इन लोगों के पास से पेपर की फोटो कॉपी मिली है। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी का कहना है कि एक महीने के भीतर परीक्षार्थियों से बिना कोई शुल्क लिए पुन: परीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यूपी एसटीएफ को मामले की जांच सौंपी गई है।

यूपी के अलग-अलग इलाकों से अब तक 23 लोग गिरफ्तार
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एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से हमने अब तक 23 लोगों को गिरफ़्तार किया है। इनके पास से परीक्षा पत्र की फोटो कॉपी मिली है। परीक्षा को एक महीने के अंदर फिर से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग पकड़े गए हैं उसमें कुछ लोग बिहार से हैं। परीक्षार्थियों से परिवहन में कोई पैसे नहीं लिए जाएंगे। बच्चे एडमिट कार्ड दिखाकर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकते हैं, उनसे पैसे नहीं लिए जाएंगे।
पेपर लीक के कारण रद्द की गई यूपीटीईटी 2021 परीक्षा
रविवार को होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 की परीक्षा कथित पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई।
निराश हुए छात्र, फूटा गुस्सा
यूपी टीईटी का पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों को निराश होना पड़ा है। कई जगह अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा तो कई जगह छात्राएं रो पड़ीं। रोते हुए एक छात्रा ने बताया कि अभ्यर्थी सालभर मेहनत से पढ़ाई करते हैं और अंतिम समय पर पेपर लीक हो जाता है। अभ्यर्थियों ने कहा कि यह सरकार की गलती है। उधर, विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ''UPTET 2021 की परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से रद्द होना बीसों लाख बेरोज़गार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा सरकार में पेपर लीक होना, परीक्षा व परिणाम रद्द होना आम बात है।'' अखिलेश ने कहा कि यूपी में शैक्षिक भ्रष्टाचार के चरम पर है।
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