Ayodhya Nagar Nikay Chunav: सियासी पावर हाउस पर कब्जा कर देश को नया संदेश देने की तैयारी में राजनीतिक दल
Ayodhya News: नगर निकाय चुनाव अयोध्या में सभी दल इस सियासी पावर हाउस पर कब्जा करने के लिए आतुर दिख रहे हैं। जनता से तरह- तरह के वादे भी इनकी तरफ से किए जा रहे हैं।

Ayodhya Nagar Nikay Chunav 2023: नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरे प्रदेश में सरगर्मी तेज है। सभी पार्टियां अपनी दावेदारी करने में लगी हैं। देश की राजनीति का कई दशकों से केंद्र रहे अयोध्या पर आज भी सबकी निगाहें टिकी हैं। हालांकि यहां नगर निकाय चुनाव दूसरे चरण 11 मई को होगा। आइए अयोध्या नगर निगम की वर्तमान गतिविधियों पर एक नजर डालते हैं।
नगर निकाय चुनाव में इस बार सभी की निगाहें मेयर पद पर टिकी हैं। कौन होगा यहां का अगला मेयर इसका निर्णय तो यहां की जनता ही करेगी लेकिन सभी पार्टियों के दावेदार अपनी दावेदारी कर रहे हैं। अयोध्या की कुछ जनता बदलाव लाना चाहती है तो कुछ एक बार फिर ऋषिकेश उपाध्याय को मेयर के रुप में देखना चाहती है। अयोध्या नगर निगम में लगभग 3,32,464 मतदाता हैं। इसमें आधी आबादी शहरी तो आधी आबादी ग्रामीण है। सर्वाधिक संख्या यहां सवर्ण मतदाताओं की है। जो एक लाख से अधिक हैं। सवर्ण समाज यहां निर्णायक की भूमिका में रहता है। मुस्लिम व पिछड़ी जाति के भी मतदाता पचास हजार से अधिक हैं। सभी दल अपना अपना समीकरण साधने के प्रयास में हैं।
सपा ने आशीष पांडेय को मेयर प्रत्याशी बनाया है जबकि भाजपा प्रत्याशी की घोषणा अभी नहीं हुई है। लोकसभा और विधानसभा की तरह नगर निगम अयोध्या भी भाजपा के लिए अहम है। यह सियासत का पावर हाउस भी है। मंदिर आंदोलन शुरु होने के बाद खासतौर से भाजपा और सपा की सियासत का मूल केंद्र अयोध्या ही रही है। बदली परिस्थितियों में एक बार फिर सियासी दल इस सियासी पावर हाउस पर कब्जा करके प्रदेश के साथ देश को नया संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। 1989 में भाजपा ने यहां संघर्ष शुरू किया, लेकिन जीती नहीं। इसके बाद 1991, 1996, 2002, 2007 में यहां लगातार कमल खिला। जीत का यह सिलसिला 2012 में थम गया और सपा ने यह सीट भाजपा से छीन ली, लेकिन 2017 से यह जीत का यह सिलसिला फिर आगे बढ़ गया। 2017 के बाद 2022 में भी भाजपा ने जीत दर्ज कराई।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून राज स्थापित हुआ है। सही मायने में यही राम राज है। वहीं सपा जिलाध्यक्ष पारस यादव ने कहा कि अयोध्या में अभी और बहुत बदलाव होने हैं जो सपा ही कर सकती है। कांग्रेस महानगर अध्यख वेद सिंह कहते हैं कि क्रांग्रेस में लोगों का विश्वास बढ़ है।












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