कोरोना मरीजों के प्राइवेट इलाज के खर्चे का हिसाब दे यूपी सरकार: अखिलेश यादव
लखनऊ, जून 03: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू होता नजर आ रहा है। प्रदेश में एक्टिव मामलों की संख्या 30 हजार के नीचे आ गई है। इसी के साथ नए मामलों में भी तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि, कोरोना महामारी को लेकर विपक्ष सरकार के काम, वादों और रणनीति को लेकर लगातार निशाना साध रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा हो या बसपा प्रमुख मायावती या समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव हों। विपक्ष के ये नेता योगी सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं।
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कोरोना मरीजों के प्राइवेट इलाज के खर्चे का हिसाब दे सरकार
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को ट्वीट किया, ''उप्र की भाजपा सरकार ने बड़े जोर शोर से प्रचारित किया था कि वो कोरोना के प्राइवेट इलाज का खर्चा देगी। अब भाजपा सरकार बताए कि अभी तक जनता के कितने बिलों का भुगतान किया है। भाजपा सरकार जनता के सामने आंकड़े रखे।'' अखिलेश यादव ने सरकार से ब्लैक फंगस के भी मुफ्त इलाज की तत्काल घोषणा करने की मांग की है।
मायावती ने उठाए थे सवाल
इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने कोरोना वायरस, लॉकडाउन के चलते चरमराई अर्थव्यवस्था को लेकर सरकारों की गंभीरता पर सवाल उठाए थे। मायावती ने ट्वीट में लिखा था कि कोरोना लॉकडाउन और फिर इस महामारी के अति-घातक होने से केवल सामान्य जीवन ही अस्त-व्यस्त व त्रस्त नहीं हुआ है, बल्कि देश की पूरी अर्थव्यवस्था भी काफी चरमरा गई है और बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी व महंगाई आदि सभी को विचलित कर रही है, इसके बाद भी सरकारें उतनी गंभीर नहीं लगती हैं। उन्होंने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था अर्थात लोगों की रोजी-रोटी पर संकट का अब आक्सीजन पर चले जाना क्षोभ व गंभीर चिन्ता की बात, लेकिन सरकारें व पार्टियां अपने स्वार्थ व द्वेष आदि को अभी भी त्यागने को तैयार नहीं लगतीं। ऐसे में जनता को यहां इस जानलेवा जंजाल से जल्दी मुक्ति मिल पाना कैसे संभव?












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