UP ATS: पूछताछ में कई अहम राज उगल रहा ISI एजेंट मोहम्मद रईस, जानिए क्या हैं दावे
उत्तर प्रदेश में आंतकवाद निरोधी दस्ते ने लखनऊ से एक संदिग्ध आईएसआई एजेंट को पकड़ा है। वह गोंडा के तरबगंज का रहने वाला है। पूछताछ में वह कई राज उगल रहा है।
Uttar Pradesh Anti-Terror Squad in Gonda's Tarabganj: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने रविवार को जासूसी और पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के लिए काम करने के आरोप में लखनऊ में एक 26 वर्षीय व्यक्ति को रविवार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में वह अपने साथियों को लेकर कई अहम राज उगल रहा है। बताया जा रहा है कि वह गोंडा के तरबगंज का रहने वाला है। 16 दिन के भीतर गोंडा से पकड़ा जाने वाला यह दूसरा संदिग्ध है।
एटीएस ने संदिग्ध पर लगाईं कई संगीन धाराएं
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि रईस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 121-ए (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश या प्रयास) और 123 (युद्ध छेड़ने की योजना को सुविधाजनक बनाने के इरादे से तथ्यों को छिपाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। रईस पर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट, 1923 की धारा 3/5/9 के तहत आरोप भी लगाए गए हैं।

गोंडा जिले के दीनपुरवा का रहने वाला है रईस
एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध मोहम्मद रईस जो गोंडा जिले के दीनपुरवा गांव का रहने वाला है। उसने पिछले साल कथित तौर पर भारत की सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान में अपने हैंडलर को भेजी थी।
मुंबई के एक निजी फर्म में काम करता था रईस
एटीएस के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) नवीन अरोड़ा ने कहा कि संदिग्ध ने पहले मुंबई में एक निजी फर्म में काम किया था। जहां वह अरमान नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया। उसने उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए काम करने के लिए मना लिया। अरोड़ा ने कहा कि उसके पाकिस्तानी हैंडलर ने 2022 की शुरुआत में व्हाट्सएप के जरिए रईस से संपर्क किया।
मुंबई में गलत संगत में पड़कर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल
एडीजी ने कहा कि रईस को उसके हैंडलर के माध्यम से हुसैन नाम का व्यक्ति मिला। अरोड़ा ने कहा कि हुसैन ने उन्हें निर्देश दिया कि किस तरह की जानकारी हैंडलर को दी जानी चाहिए। संदिग्ध को आईएसआई की मदद करने के बदले में पैसे और खाड़ी में नौकरी देने का वादा किया गया था।
एक जुलाई को पकड़ा गया था सद्दाम शेख
पिछले 16 दिनों में भारत विरोधी गतिविधियों के आरोप में गोंडा के तरबगंज से किसी व्यक्ति की दूसरी गिरफ्तारी थी। 38 वर्षीय आतंकी संदिग्ध सद्दाम शेख को 1 जुलाई को एटीएस ने गिरफ्तार किया था जो गोंडा के तरबगंज थाना क्षेत्र के बसेड़ी गांव का रहने वाला है।
शेख ने 15 साल की उम्र में बदला था धर्म
एटीएस को पता चला कि शेख का जन्म एक हिंदू था और उसका मूल नाम रणजीत सिंह था, लेकिन अपने घर से भागने और मुंबई में एक मुस्लिम परिवार से मिलने के बाद उसने 15 साल की उम्र में इस्लाम अपना लिया। एक स्थानीय अदालत द्वारा उसे 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने की अनुमति दिए जाने के बाद वह एटीएस की हिरासत में है।












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