विकास दुबे एनकाउंटर पर उठे कई सवाल, क्या नहीं लगाई गई थी उसे हथकड़ी?
लखनऊ। 2 जुलाई को कानपुर देहात के बिकरू गांव में हुए शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में ढेर हो गया। विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में पुलिस ने 9 जुलाई को पकड़ा था और यूपी एसटीएफ शाम 7 जबे उसे लेकर कानपुर आ रही थी तो रास्ते में काफिले की गाड़ी डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस दौरान विकास दुबे ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और जवाबी कार्रवाई में विकास मारा गया। हालांकि, पुलिस की इस थ्योरी पर कई सवाल भी उठ रहे हैं, जिनका अभी जवाब नहीं मिल सका है। वहीं, पुलिस अब इन सवालों के जवाब मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस के द्वारा दे सकती है।

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एनकाउंटर पर उठे सवाल
दरअसल, उज्जैन में विकास दुबे की गिरफ्तारी का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह मीडिया को देखकर चिल्ला रहा है कि- मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला...। स्थानीय पुलिस उसे गिरफ्तार कर गाड़ी में ले गई। आखिर ऐसा क्या हुआ जो उसने भागने की कोशिश की यह एक सबसे बड़ा सवाल है? आइए जानते है जो इस एनकाउंटर पर उठ रहे है सवाल...
1. कानपुर की सीमा में आने के बाद एसटीएफ के काफिले की गाड़ी अचानक कैसे पलटी, जिसमें विकास मौजूद था। यदि इसे बारिश औऱ तेज स्पीड मान लिया जाए तो भी बड़ा सवाल यह है कि जब इतने बड़े अपराधी को पुलिस गाड़ी में ला रही थी तो उसके हाथ क्यों खुले थे? क्या उसे हथकड़ी नहीं लगाई गई थी?
2. क्या लगातार भागने वाला विकास दुबे इस हालत में था कि उसने एक्सीडेंट होते ही पुलिस के हथियार छीन लिए? क्या एसटीएफ ने विकास दुबे को लाते समय सावधानी नहीं बरती, जो उसने पुलिस से भिड़ने की हिम्मत जुटाई?
3. विकास दुबे ने पहले पुलिस पर फायर किए या पुलिस ने उसे रोकने के लिए गोली चलाई? दोनों तरफ से इस एनकाउंटर के दौरान कितने राउंड गोली चली?
4- प्रभात के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने इसी तरह का घटनाक्रम बताया था कि पहले पुलिस की गाड़ी पंक्चर हुई फिर प्रभात पुलिसकर्मियों से पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश करने लगा और फिर एनकाउंटर में मारा गया। आज भी सबकुछ ठीक उसी तरह से हुआ है। प्रभात वाले घटनाक्रम से सबक क्यों नहीं लिया गया?
5. जिस विकास दुबे ने खुद उज्जैन में चिल्ला चिल्लाकर मीडिया के सामने गिरफ्तारी दी थी. अचानक शुक्रवार की सुबह उसका मन कैसे बदल गया? खुद सरेंडर करने वाला विकास दुबे क्यों एक हथियार लेकर भागने की कोशिश करेगा?
6. आखिर कानपुर आकर ही क्यों भागने लगा था विकास दुबे
7- मीडियाकर्मियों का दावा है कि वे भी उस काफिले के साथ ही उज्जैन से आ रहे थे, लेकिन दुर्घटना स्थल से कुछ पहले मीडिया और सड़क पर चल रही निजी गाड़ियों को रोक दिया गया था। न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी इसका फुटेज जारी किया है। आखिर क्यों मीडिया को आगे बढ़ने से कुछ देर के लिए रोक दिया गया था? यदि विकास ने भागने की कोशिश की तो उसके पैर में गोली क्यों नहीं मारी गई? इस तरह के और भी कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका अभी पुलिस को जवाब देना होगा।












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