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लॉकडाउन: अलग-अलग राज्यों में फंसे यूपी के 51 हजार से ज्यादा मजदूर को लाया गया वापस

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि अलग-अलग राज्यों में फंसे 51 हजार से ज्यादा मजदूरों को प्रदेश वापस लाया जा चुका है। गुरुवार को 43 ट्रेनें प्रवासी मजदूरों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। इन ट्रेनों की मदद से अलग-अलग राज्यों से 51371 श्रमिक पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुरुवार को 12 बजे से पहले 13 और ट्रेनें आ जाएंगी लगभग 15500-15600 मजदूर और आएंगे। लगभग 43 ट्रेनों की और अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि गुजरात से 32599, महाराष्ट्र से 7000 से अधिक, पंजाब से 4700, तेलंगाना से करीब 2400, कर्नाटक से 1200 इस तरह लगभग 50000 लोग ट्रेनों से वापस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के तीसरे चरण में 60000 औद्योगिक इकाइयों में से 54000 इकाइयां 631 करोड़ रुपए वेतन का वितरण कर चुकी हैं। जो सतत इकाइयां हैं वो 374 हैं इन इकाइयों में 53900 कर्मी अभी कार्यरत हैं।

सीएम ने कहा- श्रमिक पैदल यात्रा कर प्रदेश में न आएं

सीएम ने कहा- श्रमिक पैदल यात्रा कर प्रदेश में न आएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास, लखनऊ पर उच्च स्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रवासी कामगार/श्रमिक पैदल यात्रा कर प्रदेश में न आएं। राज्य सरकार प्रवासी कामगारों व श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश वापस लौटने वाले प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाए। इसके लिए प्रत्येक क्वारंटीन सेन्टर में मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वस्थ होने की दशा में 14 दिन की होम क्वारंटीन के लिए कामगारों/श्रमिकों को घर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण में अस्वस्थ पाए गए लोगों के उपचार की व्यवस्था की जाए। घर भेजे जाने वाले कामगारों/श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराया जाए। निराश्रितों को राशन किट के साथ-साथ ₹1000 का भरण पोषण भत्ता भी दिया जाए।

श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था के निर्देश

श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था के निर्देश

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित औद्योगिक इकाइयों तथा इनके माध्यम से लोगों को उपलब्ध हो रहे रोजगार का विवरण संकलित किया जाए। उन्होंने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि कामगारों/श्रमिकों को मनरेगा, MSME, ODOP, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, महिला स्वयं सहायता समूह, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण व गौ-आश्रय स्थल से जोड़ने के प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि दुग्ध समितियों तथा पौध नर्सरी के माध्यम से भी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाए। महिला स्वयं सहायता समूह को मास्क निर्माण के साथ-साथ अचार, मुरब्बा, जैम, पापड़ आदि कार्यों से जोड़ते हुए इन्हें और प्रभावी बनाया जाए।

मण्डियों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रोज हो सेनिटाइजेशन

मण्डियों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रोज हो सेनिटाइजेशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि मण्डियों में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ-साथ नियमित तौर पर सेनिटाइजेशन कराया जाए। मण्डियों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लोग मास्क तथा ग्लव्स का प्रयोग करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी निराश्रित गौ-वंश के लिए स्थापित गौ-आश्रय स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि खनन के पट्टे जारी कर दिए जाएं। इससे मोरंग, बालू आदि को निकालने का कार्य किया जा सकेगा, जिससे राजस्व में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के सीडीआरआई, आईआईटीआर व बीएसआईपी तथा आईवीआरआई, बरेली में मेडिकल टेस्टिंग का कार्य प्रारंभ हो गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन संस्थानों को टेस्टिंग कार्य से संबंधित सभी संसाधन सुचारू रूप से उपलब्ध होते रहें।उन्होंने कहा कि मेडिकल इन्फेक्शन रोकने के लिए सभी उपाय किए जाएं। भर्ती करने से पूर्व मरीज की अस्पताल में मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। अस्पतालों में बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के समुचित प्रबंध किए जाएं।

पुलिस बल को संक्रमण से बचाने के लिए बरती जाए सतर्कता

पुलिस बल को संक्रमण से बचाने के लिए बरती जाए सतर्कता

संक्रमण से सुरक्षा के लिए डाॅक्टरों व अन्य चिकित्सा कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निरन्तर जारी रखे जाएं। पुलिस बल को संक्रमण से बचाने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाए। समस्त चिकित्सालयों PPE किट, N-95 मास्क व सेनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित अस्पतालों को अनुदानित दर पर पीपीई किट, एन-95 मास्क और सेनिटाइजर आदि की व्यवस्था कर रही है। मुख्यमंत्री ने विदेश से आने वाले लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग व क्वारंटीन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि क्वारंटीन सेंटरों तथा कम्युनिटी किचन की संख्या बढ़ाई जाए व इनके माध्यम से गुणवत्तापरक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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English summary
over 51 thousand migrant workers who stuck in other states brought back to uttar pradesh
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