सामने आइए मोदी जी, चीन से सामना करने का वक्त आ गया है: प्रियंका गांधी
लखनऊ। पूर्वी लद्दाख के गलवान वैली में सोमवार रात को भारत और चीन की सेना के बीच विवाद में देश के 20 जवान शहीद हो गए। चीन की इस हरकत से पूरा देश गुस्से में है। वहीं, इस घटना के बाद सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार को घेरने में जुट गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सामने आकर चीन का सामना करने की बात कही है। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आखिर देश के प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं।

प्रियंका ने कहा- सामने आइए मोदी जी
प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया, ''हमारी धरती मां, हमारी संप्रभुता खतरे में है। हमारे जवान शहीद हो रहे हैं। क्या हम चुप बैठे रहेंगे? भारत की जनता सच की हकदार है, उसे ऐसे नेतृत्व की दरकार है जो हमारी जमीन छिनने से पहले अपनी जान देने के लिए तैयार हो।'' प्रियंका ने कहा, ''सामने आइए @narendramodi जी, चीन का सामना करने का वक्त आ गया है।'' इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए ट्वीट किया, उन्होंने कहा, आखिर क्यों देश के प्रधानमंत्री चुप हैं, आखिर वो छिप क्यों रहे हैं। अब बहुत हुआ, हमें ये जानना है कि आखिर क्या हुआ है। आखिर चीनी सैनिकों की भारत के सैनिकों को मारने की हिम्मत कैसे हुई। आखिर कैसे उनकी हिम्मत हो गई कि उन्होंने हमारी जमीन को ले लिया।

बसपा सुप्रीमो मायावती का ट्वीट
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया, ''लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ झड़प में कर्नल समेत 20 भारतीय सैनिकों के शहादत की खबर अति-दुःखद व झकझोरने वाली है, खासकर तब जब भारत सरकार दोनों देशों के बीच सीमा विवाद व तनाव को कम करने में प्रयासरत है। सरकार को अब अत्याधिक सतर्क व सूझबूझ से देशहित में कदम उठाने की जरूरत है।'' मायावती ने कहा, देश को विश्वास है कि भारत सरकार देश की आन, बान व शान के हिसाब से सही समय पर सही फैसला लेगी व देश का एक इंच जमीन भी किसी को कभी हड़पने नहीं देगी। अच्छी बात है कि सरकार की कमियों को भुलाकर ऐसे नाजुक समय में पूरा देश एकजुट है। अब सरकार को जनता की उम्मीद पर खरा उतरना है।

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत के 20 जवान हुए शहीद
बता दें, लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक हमले में भारतीय सेना के जवानों की शहादत से पूरे देश गुस्से में है। भारतीय सूत्रों के मुताबिक, चीन के भी 43 जवान मारे गए हैं या तो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआत में, भारतीय सेना ने कहा कि एक अधिकारी और दो सैनिक मारे गए। बाद में भारतीय सेना ने बयान में बताया कि 15-16 जून की रात भारत-चीन की झड़प हुई थी, लाइन ऑफ ड्यूटी पर 17 भारतीय टुकड़ियां जख्मी हुई हैं। वहीं, उप-शून्य तापमान में हमारे जवान देश की सुरक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हुए हैं, जिनकी संख्या 20 है। भारतीय सेना राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।












Click it and Unblock the Notifications