यूपी सहकारिता भर्ती घोटाला: पूर्व MLC का बेटा और IAS के रिश्तेदार ने रची थी साजिश, 6 और केस दर्ज
लखनऊ, मई 28: यूपी सहकारिता भर्ती घोटाले में समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी का बेटा सुधीश कुमार और सपा शासनकाल में पंचम तल पर तैनात विशेष सचिव के रिश्तेदार राम प्रवेश ने ही पूरा षड्यंत्र रचा था। एसआईटी की जांच में इसका खुलासा हुआ है। एसआईटी ने पूर्व एमएलसी के बेटे को घोटाले में नामजद भी किया है और जल्द ही आईएएस के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें, सपा के पूर्व एमएलसी का निधन हो चुका है। एसआईटी ने भर्ती घोटाले में छह एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से ग्रामीण सहकारी बैंक में हुई भर्तियों में पूर्व एमएलसी का बेटा सुधीश कुमार यादव नामजद है। एसआईटी के मुताबिक, इनके पिता सहकारिता विभाग से अपर निबंधक के पद से रिटायर हुए और बाद में सपा के खासे करीबी हो गए। उन्हें पिछली सरकार में सपा ने एमएलसी बनाया था। एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि सभी भर्तियों के आदेश इन पूर्व एमएलसी की मनमर्जी पर ही अमल में लाए जाते थे। इन पूर्व एमएलसी के बेटे की भर्ती वर्ष 1984 में हुई थी।

एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि पंचम तल पर तैनात एक पूर्व आईएएस जो सपा सरकार के खासे करीबी थे, अपने रिश्तेदार राम प्रवेश को ही भर्ती के लिए कंप्यूटर स्कैनिंग आदि के साथ परिणाम बनाने का काम दिलाते थे। उनके ही आदेश पर वर्ष 2015 से 2017 के बीच अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में भी धड़ल्ले से काम दिलाया गया। फिलहाल, राम प्रवेश अभी जेल में है। उसे अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में हुए भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। एसआईटी जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
यही गठजोड़ इटावा, कन्नौज, आजमगढ़ आदि से मंत्रियों, अधिकारियों के नाते-रिश्तेदारों को भर्ती कराने के लिए संपर्क करता और मोटी रकम की वसूली की जाती। एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि राम प्रवेश तत्कालीन सरकार में खासा रसूख रखते थे और पंचम तल पर तैनात आईएएस अफसर से उनकी रिश्तेदार थी। इस वजह से उनका ही दबदबा रहता था। सूची ऊपर से आती और अधिकारियों को उसे समायोजित करना पड़ा। इस वसूली का हिसाब ऊपर तक बताया जाता और एवज में कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने चहेतों-रिश्तेदारों को भर्ती की छूट होती।












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