हाथरस कांड पर मायावती ने योगी सरकार से पूछा सवाल, डीएम के रहते कैसे हो सकती निष्पक्ष जांच
लखनऊ। यूपी के चर्चित हाथरस कांड को लेकर पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश है। बॉलीवुड से लेकर विपक्ष तक सोशल मीडिया और सड़कों पर उतरकर प्रदेश की योगी सरकार की आलोचना कर रहा हैं। तो वहीं, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी योगी आदित्यनाथ सरकार से सवाल पूछा है। मायावती ने ट्वीट करते हुए पूछा, 'डीएम के वहां रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है? लोग आशंकित।'
Recommended Video

डीएम के रहते कैसे हो सकती है निष्पक्ष जांच: मायावती
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को ट्वीट करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार से हाथरस कांड पर सवाल पूछा है। मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'हाथरस गैंगरेप कांड के पीड़ित परिवार ने जिले के डीएम पर धमकाने आदि के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी यूपी सरकार की रहस्मय चुप्पी दुःखद व अति-चिन्ताजनक। हालांकि, सरकार CBI जांच हेतु राजी हुई है, किन्तु उस डीएम के वहां रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है? लोग आशंकित।'

पीड़िता के परिजनों ने डीएम पर लगाए गंभीर आरोप
दरअसल, पीड़िता के भाई ने कहा कि हम मौजूदा जांच से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि हमे अभी तक सभी सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। जिस डीएम ने हमे खुलेआम धमकी दी है, उसे अभी तक सस्पेंड नहीं किया गया है। तो वहीं, पीड़िता के चचेरे भाई ने भी हाथरस के जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार पर गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता के भाई की मानें तो डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने घर के सभी लोगों का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है और ताऊ के साथ मारपीट भी की है। भाई का आरोप है कि मेरे ताऊ (पीड़िता के पिता) को डीएम ने छाती पर लात मारी, जिससे वो बेहोश हो गए थे।

डीएम पर कार्रवाई न होने से परिवार में आक्रोश
बता दें योगी सरकार द्वारा एसपी सहित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई लेकिन पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है। 3 दिन से परिवार नजरबंद है और सरकार द्वारा डीएम पर कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में आक्रोश है। तो वहीं, हाथरस कांड की प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मिल गई थी। जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई करते हुए हाथरस जिले के एसपी विक्रांत वीर सिंह, सीओ राम शब्द, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा, एसआई जगवीर सिंह और हेड मोहर्रिर महेश पाल शामिल हैं। इसके अलावा थाने के सभी पुलिसकर्मियों का नार्को पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके साथ-साथ पीड़ित और आरोपी, दोनों पक्षों का भी नार्को टेस्ट करवाया जाएगा। वहीं, डीएम प्रवीण कुमार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।












Click it and Unblock the Notifications