Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कोरोना काल में BJP जनता का सहारा बनने के बजाय बोझ बन गई, अखिलेश यादव ने कहा

लखनऊ, मई 16: देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा, 'भाजपा सरकार जनता का सहारा बनने के बजाय उस पर बोझ बन गई है।' पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि शहरों के बाज प्रदेश के गांवों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने लगा है। मौत का कहर बरपा रहे संक्रमण पर शासन-प्रशासन जानकर अनजान बन रहा है।

Former CM Akhilesh Yadav criticized the BJP government on covid 19

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री अपनी नाकामी छुपाने के लिए सफलता का झूठा ढिढ़ोरा पीटने में लगे है। यह भाजपा सरकार जनता का सहारा बनने के बजाय उस पर बोझ बन गई है। गांवो में ताबड़तोड़ हो रही मौतों से दहशत व्याप्त है मुख्यमंत्री के बनाए गए प्रभारी मंत्री लापता है और मेरठ के प्रभारी मंत्री तो पिछले दिनो दो घंटे सर्किट हाउस के एसी कमरे में बैठकर चले गए और उन्होंने जनता की न तो तकलीफें सुनी और नहीं अस्पतालों का निरीक्षण किया। भाजपा सरकार और उनके मंत्रियों की संवेदनहीनता अमानवीय हो गई है।

गांवों में कोरोना संक्रमण बढ़ने का कारण यह है कि भाजपा सरकार दवाई, टेस्ट, डॉक्टर तथा टीके को कोई इंतजाम नहीं कर पा रही है। गांवों में स्वास्थ्य का ढांचा भाजपा सरकार ने पहले से ही ध्वस्त कर दिया है। वे असहाय मूकदर्शक बन गए हैं। जिन पर लोगों के इलाज की जिम्मेदारी है वे हाथ पर हाथ धरे बैठे है। गोंडा के गांवों में शहरों से 7 गुना ज्यादा संक्रमित पाए गए हैं। गतदिवस को नए निकले 119 मरीजों में 105 ग्रामीण पॉजिटिव मिले। पंचायत चुनावों के बाद संक्रमण दर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि खुद मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना कहर से हाहाकार मचा हुआ है। अधिकारी आंकड़ो पर पर्दा डालने के खेल में लग गए हैं। गोरखपुर की ग्राम पंचायतों में 46 हजार ग्रामीण खांसी, बुखार की चपेट में हैं प्रशासन सिर्फ 764 की संख्या बताकर अपनी नाकामी छुपा रहा है। गोरखपुर वाराणसी हाईवे पर बस से हाटा बुजुर्ग गांव में 15 मौतें होने की दर्दनाक खबर है। लोग खांसी, बुखार और सांस फूलने से परेशान है। अभी तक पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं गांवों तक नहीं पहुंच पा रही है।

कानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात बेकाबू हो रहे है। चैबेपुर गांव में 15 दिन में 35 मौतें हुई। ग्राम घसारा में 11 दिन में 13, ग्रामीण पीपली में 7 मौतें हुई। ग्राम परसहा में एक महीने में 24 मौतें हुई। बुखार-खांसी के तमाम मरीज हैं। बरेली के क्यारा गांव में बुखार-खांसी से 26 मरे। बुलंदशहर के बसी गांव में 8 बुखार से मरे जब कि मदनपुर के नकईल गांव में 20 दिन में 15 मौतें हुई है। मुजफ्फरनगर के सोरम गांव में 12 मौतें हुई। कई गांवो में लोग बुखार में तप रहे हैं। कोई पूछने वाला नहीं। भाजपा सरकार बस इलाज की जगह इश्तहार और जिंदगी की जगह मौत बांट रही है।

चारों ओर हाहाकार की चीखें भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के कानों तक नहीं पहुंच रही है। वे अपनी सभी मानवीय संवेदनाएं खो चुके हैं। गंदी राजनीति और झूठे प्रचार से ही वे अपने को सफल मान रहे है। जनता उनको किस निगाह से देख रही है, इसका अंदाजा उन्हें 2022 के चुनावों में ही लगेगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+